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Jammu News: सरकारी मुकदमों में देरी पर सख्ती, समय पर अपील न करने वालों पर होगी कार्रवाई
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- मुकदमों की निगरानी के लिए संभागीय और प्रशासनिक स्तर पर समितियां गठित
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी मुकदमों में बार-बार हो रही देरी और समय सीमा समाप्त होने के बाद अपील दायर करने के मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने अपील, रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिका और अन्य कानूनी कार्यवाहियों की निगरानी के लिए संभागीय और प्रशासनिक स्तर पर समितियों के गठन के आदेश जारी किए हैं। विधि विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में विभाग फैसले के काफी देर बाद कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य विभाग को फाइल भेजते हैं। इससे अपील की तय सीमा अवधि समाप्त हो जाती है और बाद में देरी माफी के लिए अस्पष्ट और लापरवाह आवेदन लगाए जाते हैं। इसके चलते कई मामलों में सिर्फ सीमा अवधि के आधार पर ही सरकार को नुकसान उठाना पड़ा है। आदेश के अनुसार, जैसे ही किसी अदालत या न्यायाधिकरण से फैसला आएगा, संबंधित सरकारी वकील उसी दिन उसकी प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन करेगा। प्रमाणित प्रति मिलने पर आदेश की तारीख, प्रति प्राप्त होने की तारीख और अपील या आदेश लागू करने को लेकर अपनी स्पष्ट राय के साथ मामला तुरंत कानून विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। सरकारी मुकदमों में बार-बार हो रही देरी और समय सीमा समाप्त होने के बाद अपील दायर करने के मामलों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सरकार ने अपील, रिट याचिका, विशेष अनुमति याचिका और अन्य कानूनी कार्यवाहियों की निगरानी के लिए संभागीय और प्रशासनिक स्तर पर समितियों के गठन के आदेश जारी किए हैं। विधि विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कई मामलों में विभाग फैसले के काफी देर बाद कानून, न्याय एवं संसदीय कार्य विभाग को फाइल भेजते हैं। इससे अपील की तय सीमा अवधि समाप्त हो जाती है और बाद में देरी माफी के लिए अस्पष्ट और लापरवाह आवेदन लगाए जाते हैं। इसके चलते कई मामलों में सिर्फ सीमा अवधि के आधार पर ही सरकार को नुकसान उठाना पड़ा है। आदेश के अनुसार, जैसे ही किसी अदालत या न्यायाधिकरण से फैसला आएगा, संबंधित सरकारी वकील उसी दिन उसकी प्रमाणित प्रति के लिए आवेदन करेगा। प्रमाणित प्रति मिलने पर आदेश की तारीख, प्रति प्राप्त होने की तारीख और अपील या आदेश लागू करने को लेकर अपनी स्पष्ट राय के साथ मामला तुरंत कानून विभाग को भेजना अनिवार्य होगा।