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Jammu News: कृषि विकास के लिए 289 करोड़ की योजना को दी मंजूरी
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- मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना की एसएलएससी ने दी सहमति
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना (पीएमआरकेवीवाई) की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति ने शुक्रवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 289.16 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में कृषि परिवर्तन को गति देना, किसानों की आय बढ़ाना और खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।
समिति ने जम्मू-कश्मीर के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 23113 लाख रुपये की अधिकतम सीमा के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कई प्रमुख घटकों के क्रियान्वयन के लिए पीएमआरकेवीवाई के तहत आवंटन के लिए राष्ट्रीय स्तर की पीएसी को भेजे जाने वाले 28,916.75 लाख रुपये के प्रस्तावित परिव्यय को मंजूरी दी है।
बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल कृषि मिशन के उप-घटकों पर विशेष जोर दिया, जिनके तहत किसान पंजीकरण, फसल और भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश भर में प्रस्तावित एकीकृत ऋण इंटरफेस (यूएलआई) की नींव रखेगी। मुख्य सचिव ने किश्तवाड़ और बारामुला में प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई नई पीएमडीडीकेवाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत परती भूमि पर बांस की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उपयुक्त क्षेत्रों में मेवों और बादामों के बड़े पैमाने पर प्रचार के लिए हाल ही में घोषित हिमालयन नट मिशन का लाभ उठाने का निर्देश दिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। प्रधानमंत्री कृषि विकास योजना (पीएमआरकेवीवाई) की राज्य स्तरीय स्वीकृति समिति ने शुक्रवार को मुख्य सचिव अटल डुल्लू की अध्यक्षता में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए प्रस्तावित 289.16 करोड़ की वार्षिक कार्य योजना को मंजूरी दे दी। इस योजना का उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश में कृषि परिवर्तन को गति देना, किसानों की आय बढ़ाना और खाद्य एवं पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है।
समिति ने जम्मू-कश्मीर के लिए भारत सरकार द्वारा निर्धारित 23113 लाख रुपये की अधिकतम सीमा के मुकाबले वित्तीय वर्ष 2026-27 के दौरान कई प्रमुख घटकों के क्रियान्वयन के लिए पीएमआरकेवीवाई के तहत आवंटन के लिए राष्ट्रीय स्तर की पीएसी को भेजे जाने वाले 28,916.75 लाख रुपये के प्रस्तावित परिव्यय को मंजूरी दी है।
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बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य सचिव ने कहा कि डिजिटल कृषि मिशन के उप-घटकों पर विशेष जोर दिया, जिनके तहत किसान पंजीकरण, फसल और भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल देश भर में प्रस्तावित एकीकृत ऋण इंटरफेस (यूएलआई) की नींव रखेगी। मुख्य सचिव ने किश्तवाड़ और बारामुला में प्रायोगिक आधार पर शुरू की गई नई पीएमडीडीकेवाई पर विशेष ध्यान देने को कहा। राष्ट्रीय बांस मिशन के तहत परती भूमि पर बांस की खेती को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उपयुक्त क्षेत्रों में मेवों और बादामों के बड़े पैमाने पर प्रचार के लिए हाल ही में घोषित हिमालयन नट मिशन का लाभ उठाने का निर्देश दिया।
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