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अमरनाथ यात्रा 2017 के लिए बनेगा एक्शन प्लान
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sat, 30 Jul 2016 10:57 PM IST
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अमरनाथ यात्रा
- फोटो : PTI
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श्री अमरनाथ श्राइन बोर्ड के चेयरमैन एवं राज्यपाल एनएन वोहरा ने आगामी अमरनाथ यात्रा 2017 को यात्रियों की सुरक्षा के साथ सरल बनाने पर जोर दिया है। इसके लिए उन्होंने हितधारकों, राज्य के विभागों और कैंप निदेशकों को मौजूदा यात्रा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां और सुझाव देने को कहा है।
कैंप और रूट स्तर पर एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मौजूदा यात्रा की समाप्ति के साथ निर्माणाधीन कार्यों को मुकम्मल बनाने के साथ दोनों ट्रैकों पर साफ सफाई को सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। शनिवार को राज्यपाल ने दिल्ली में बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में यात्रा प्रबंधों की समीक्षा की।
उन्होंने बताया कि गत शुक्रवार तक देशभर में 259948 यात्रियों ने एडवांस पंजीकरण करवा लिया था। 56474 यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया गया और 211000 से अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
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उन्होंने सीईओ को अतिरिक्त सीईओ, जनरल मैनेजर (वर्क्स), जनरल मैनेजर (सेनिटेशन) और पीडीए तथा पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) प्रतिनिधियों के साथ एक अगस्त से कैंपों और पारंपरिक बालटाल व पहलगाम ट्रैक पर सालिड वेस्ट प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कश्मीर में खराब हालात को देखते हुए डीजीपी को यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए।
सीईओ ने बताया कि चिकित्सा कारणों से 16 यात्री और दो सेवादारों की अब तक यात्रा रूट पर मौत हुई है। चंदनबाड़ी के पास अन्य दो यात्री सड़क हादसे में मारे गए। दोनों ट्रैकों पर 67 मेडिकल कैंप स्थापित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा रूट पर विभिन्न स्थानों पर पहली बार छह विशेष आक्सीजन कियोसिक (आक्सीजन कंसनट्रेटर) स्थापित किए गए।
यात्रियों की बेहतर चिकित्सा के लिए एम्स, सफदरजंग, आरएमएल दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ के विशेषज्ञों की सेवाएं ली गईं। यात्रा रूट पर आठ माउंटेन रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की दस टीमें और सीआरपीएफ की दो एमआरटीएस टीमें तैनात की गई हैं।
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कैंप और रूट स्तर पर एक्शन प्लान बनाने के निर्देश दिए गए हैं। मौजूदा यात्रा की समाप्ति के साथ निर्माणाधीन कार्यों को मुकम्मल बनाने के साथ दोनों ट्रैकों पर साफ सफाई को सुनिश्चित बनाने को कहा गया है। शनिवार को राज्यपाल ने दिल्ली में बोर्ड के अधिकारियों के साथ बैठक में यात्रा प्रबंधों की समीक्षा की।
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उन्होंने बताया कि गत शुक्रवार तक देशभर में 259948 यात्रियों ने एडवांस पंजीकरण करवा लिया था। 56474 यात्रियों का तत्काल पंजीकरण किया गया और 211000 से अधिक भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं।
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उन्होंने सीईओ को अतिरिक्त सीईओ, जनरल मैनेजर (वर्क्स), जनरल मैनेजर (सेनिटेशन) और पीडीए तथा पीडब्ल्यूडी (आरएंडबी) प्रतिनिधियों के साथ एक अगस्त से कैंपों और पारंपरिक बालटाल व पहलगाम ट्रैक पर सालिड वेस्ट प्रबंधन को सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही कश्मीर में खराब हालात को देखते हुए डीजीपी को यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता बनाने के भी निर्देश दिए।
सीईओ ने बताया कि चिकित्सा कारणों से 16 यात्री और दो सेवादारों की अब तक यात्रा रूट पर मौत हुई है। चंदनबाड़ी के पास अन्य दो यात्री सड़क हादसे में मारे गए। दोनों ट्रैकों पर 67 मेडिकल कैंप स्थापित किए गए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से यात्रा रूट पर विभिन्न स्थानों पर पहली बार छह विशेष आक्सीजन कियोसिक (आक्सीजन कंसनट्रेटर) स्थापित किए गए।
यात्रियों की बेहतर चिकित्सा के लिए एम्स, सफदरजंग, आरएमएल दिल्ली और पीजीआई चंडीगढ़ के विशेषज्ञों की सेवाएं ली गईं। यात्रा रूट पर आठ माउंटेन रेस्क्यू टीमों को तैनात किया गया है। स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की दस टीमें और सीआरपीएफ की दो एमआरटीएस टीमें तैनात की गई हैं।