एनआईए का छापा: आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में खुर्रम परवेज के घर पर कार्रवाई, कोर्ट ने बढ़ाई है नजरबंदी
आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले में एनआईए ने कथित मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज के घर छापा मारा। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस और अर्द्धसैनिक बल के जवान तैनात रहे।
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राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने रविवार को जेल में बंद कथित मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज के सोनावर स्थित आवास पर दबिश दी। यह कार्रवाई आतंकी फंडिंग से जुड़े मामले में की गई है। आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि पहले से दर्ज आतंकी फंडिंग से जुड़े एक मामले के संबंध में एनआईए के अधिकारी यह कार्रवाई कर रहे हैं।
कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों की भी मदद ली गई
इस कार्रवाई में स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बल के जवानों की भी मदद ली गई है। हालांकि वहां से क्या-क्या बरामद किया गया। इसके बारे में आधिकारिक रूप से कोई बोलने को तैयार नहीं है। शुक्रवार को दिल्ली में एनआईए के विशेष न्यायाधीश परवीन सिंह ने टेरर फंडिंग मामले में जांच करने के उद्देश्य से मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज और उसके दो साथियों मुनीर अहमद कटारिया और अर्शीद अहमद टोंच की नजरबंदी अवधि 50 दिन के लिए और बढ़ा दी थी।
कोर्ट ने नजरबंदी की अवधि बढ़ाने की अनुमति दे दी
एनआईए ने अदालत से आग्रह किया था कि यूएपीए के प्रावधान के तहत जांच की अवधि बढ़ाने की मांग करने वाले पेश आवेदन को स्वीकार कर ले, जिसके बाद कोर्ट ने नजरबंदी की अवधि बढ़ाने की अनुमति दे दी थी। यूएपीए में यह प्रावधान है कि किसी मामले में यदि 90 दिन की अवधि के भीतर जांच पूरी करना संभव नहीं है और न्यायालय लोक अभियोजक की रिपोर्ट से संतुष्ट हो तो 90 दिन की उक्त अवधि 180 दिन तक बढ़ाई जा सकती है।