आतंकी साजिश नाकाम: जम्मू-कश्मीर में पुलिस ने मार गिराया ड्रोन, पांच किलो आईईडी बरामद
जम्मू में सुरक्षाबलों ने सीमा पार से भेजे गए एक ड्रोन को मार गिराया है। इस ड्रोन के जरिए आईईडी भेजी गई थी। खुफिया इनपुट और सुरक्षाबलों की सतर्कता के चलते एक बड़ा हादसा टल गया है।
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जम्मू-कश्मीर के कनाचक इलाके में पुलिस ने एक पाकिस्तानी ड्रोन को मार गिराया है। इस ड्रोन से पांच किलो आईईडी भी बरामद हुई है। पुलिस ने बताया कि ड्रोन को भारतीय सीमा के आठ किलोमीटर अंदर मार गिराया गया है।
बीते कई दिनों से भारतीय सीमा में ड्रोन देखे जा रहे हैं। इन्हें सीमा पार से भेजा जा रहा है। खुफिया एजेंसियां पहले ही अंदेशा जता चुकी हैं कि आतंकी ड्रोन के जरिए किसी बड़ी साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं। सुरक्षाबलों ने भी इस चुनौती से निपटने के लिए रणनीति बनाई है और माना जा रहै कि हा यह ड्रोन जिसे मार गिराया गया ये उसी का नतीजा है।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जम्मू क्षेत्र मुकेश सिंह ने कहा कि पुलिस को एक विशिष्ट इनपुट मिला था कि आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद अखनूर के पास एक ड्रोन के माध्यम से एक पेलोड गिराने की योजना बना रहा है। सिंह ने कहा रात करीब 1 बजे पुलिस ने ड्रोन को मार गिराया। उन्होंने कहा कि पैक्ड आईईडी को गिराने के बाद किसी के द्वारा उठाया जाना था। हमने संदिग्ध का इंतजार किया लेकिन कोई नहीं आया। यह आईईडी किसी स्थान पर प्लांट की जानी थी। जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया है। इसे चीन और ताइवान के पुर्जों से बनाया गया है।
उन्होंने बताया कि जम्मू एयरफोर्स स्टेशन के पास एटी ड्रोन सिस्टम लगाया गया है। साथ ही 15 अगस्त पर किसी प्रकार की अनहोनी न हो इसके लिए पूरी तैयारी कर ली गई है। सुरक्षाबलों को अलर्ट पर रखा गया है।
यह पूछे जाने पर कि क्या ड्रोन की आज की बरामदगी और हाल ही में जम्मू वायु सेना स्टेशन पर हमले के बीच कोई संबंध है, सिंह ने कहा कि आज के ड्रोन में बरामद धागे वही थे। आगे की जांच जारी है। ऐसा लगता है कि जैश-ए-मोहम्मद ने एक ही श्रृंखला के कई ड्रोन इकट्ठे किए हैं। पूर्व में कठुआ में बरामद किए गए एक ड्रोन और आज के ड्रोन के सीरियल नंबर में सिर्फ एक अंक का अंतर है।
सोपोर में दो आतंकी ढेर, ड्रोन के पीछे लश्कर-ए-तैयबा की साजिश
बारामुला जिले के सोपोर के वारपोरा में सुरक्षाबलों की आतंकियों के साथ मुठभेड़ में दो दहशतगर्दों को मार गिराया गया है। उनके पास से हथियार और गोला-बारूद बरामद किया गया है। बाकी आतंकियों की तलाश जारी है। मुठभेड़ कल (गुरुवार) रात से चल रही है।
ड्रोन से भारतीय वायुसेना स्टेशन को बनाया जा चुका है निशाना
27 जून को भारतीय वायुसेना स्टेशन पर आतंकियों ने ड्रोन के जरिए विस्फोटक गिराकर हमला किया था। इस हमले में दो लोगों को हल्की चोटें आईं थीं। इस हमले के बाद से ही घाटी में पुलिस लेकर सेना तक अलर्ट है। पीएम नरेंद्र मोदी ने ड्रोन पर उभरते खतरे को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक भी बुलाई थी।
सुरक्षा एजेंसियों ने अंदेशा जताया है कि इस ड्रोन साजिश के पीछे आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा का हाथ है। आतंकी 27 जून के जैसे किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। आतंकियों द्वारा ड्रोन का इस्तेमाल लगातार किए जाने पर पुलिस महकमा चिंतित है। डीजीपी दिलबाग सिंह ने पुलिस अधिकारियों को सुरक्षा की रणनीति दोबारा बनाने के लिए कहा है। साथ ही आतंकियों के ड्रोन इस्तेमाल करने को लेकर सतर्क रहने के लिए भी कहा गया है।