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सरकार के कई फैसलों के खिलाफ बार एसोसिएशन की हड़ताल
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:35 AM IST
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कठुआ/बसोहली। जनता के कई महत्वपूर्ण मुद्दों की अनदेखी और सरकार के कई गलत निर्णयों के विरोध में बुधवार को कठुआ बार एसोसिएशन ने चार दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी। अब वकील शनिवार तक कोई काम नहीं करेंगे और सरकार से विभिन्न मांगें मानने और अपने आदेश वापस लेने की मांग करेंगे।
बार एसोसिएशन कठुआ के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासन और पुलिस को गुज्जरों को कहीं भी बसाने और पशुओं को ले जाने पर कार्रवाई न करने, रसाना मामले की सीबीआई जांच न करवाने, रोहिंग्याओं को राज्य से बाहर न करने और नौशेरा, सुंदरबानी और कालकोट के लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान न करने का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार से बार-बार शांतिपूर्ण तरीके से इन मामलों के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। लेकिन, सरकार प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म विशेष को लाभ देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और इसके लिए कोई भी धर्म जाति उनके लिए मायने नहीं रखती। वकीलों ने कहा कि चार दिनों के लिए वर्क सस्पेंड किया गया है और अगर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो वह उग्र रुख अपना लेंगे।
बसोहली में भी बार एसोसिएशन ने बुधवार को कामकाज ठप रखा। बार एसोसिएशन बसोहली की तरफ से बुधवार को बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान अनिल पाधा ने की। उन्होंने जम्मू कश्मीर में अवैध ढंग से बसे रोहिंग्या को जम्मू से बाहर निकालने की मांग की। सरकार द्वारा गुज्जरों को स्टेट लैंड पर कहीं भी कब्जा कर अपने आशियाना बनाने के फैसले को अब तक बदला नहीं गया है। बार एसोसिएशन इससे गलत मानता है। सरकार के इसी तरह के कई गलत निर्णयों के विरोध में बार एसोसिएशन बसोहली ने भी बुधवार को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। बसोहली को जिला बनाने में हो रहे विलंब का भी बार एसोसिएशन बसोहली के सदस्यों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि सबसे पुरानी तहसील बसोहली की सरकार अनदेखी कर रही है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के उप प्रधान हरीश ब्राह्मी, सेक्रेटरी राजीव शर्मा, एडवोकेट नवनीश मिश्रा, शुभ कुमार, करतार सिंह, उपासना ठाकुर, जगदीश राज सपोलिया, शरद सपोलिया, दलजीत सिंह, शुभम अबरोल आदि उपस्थित रहे।
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बार एसोसिएशन कठुआ के सदस्यों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा प्रशासन और पुलिस को गुज्जरों को कहीं भी बसाने और पशुओं को ले जाने पर कार्रवाई न करने, रसाना मामले की सीबीआई जांच न करवाने, रोहिंग्याओं को राज्य से बाहर न करने और नौशेरा, सुंदरबानी और कालकोट के लोगों द्वारा उठाए गए मुद्दों का समाधान न करने का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार से बार-बार शांतिपूर्ण तरीके से इन मामलों के लिए सकारात्मक कार्रवाई करने की मांग की जा रही है। लेकिन, सरकार प्रशासन और पुलिस पर दबाव बनाने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार धर्म विशेष को लाभ देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि उन्हें न्याय चाहिए और इसके लिए कोई भी धर्म जाति उनके लिए मायने नहीं रखती। वकीलों ने कहा कि चार दिनों के लिए वर्क सस्पेंड किया गया है और अगर सरकार ने सकारात्मक पहल नहीं की तो वह उग्र रुख अपना लेंगे।
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बसोहली में भी बार एसोसिएशन ने बुधवार को कामकाज ठप रखा। बार एसोसिएशन बसोहली की तरफ से बुधवार को बुलाई गई बैठक की अध्यक्षता एसोसिएशन के प्रधान अनिल पाधा ने की। उन्होंने जम्मू कश्मीर में अवैध ढंग से बसे रोहिंग्या को जम्मू से बाहर निकालने की मांग की। सरकार द्वारा गुज्जरों को स्टेट लैंड पर कहीं भी कब्जा कर अपने आशियाना बनाने के फैसले को अब तक बदला नहीं गया है। बार एसोसिएशन इससे गलत मानता है। सरकार के इसी तरह के कई गलत निर्णयों के विरोध में बार एसोसिएशन बसोहली ने भी बुधवार को हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया। बसोहली को जिला बनाने में हो रहे विलंब का भी बार एसोसिएशन बसोहली के सदस्यों ने विरोध किया। उन्होंने कहा कि सबसे पुरानी तहसील बसोहली की सरकार अनदेखी कर रही है। इस मौके पर बार एसोसिएशन के उप प्रधान हरीश ब्राह्मी, सेक्रेटरी राजीव शर्मा, एडवोकेट नवनीश मिश्रा, शुभ कुमार, करतार सिंह, उपासना ठाकुर, जगदीश राज सपोलिया, शरद सपोलिया, दलजीत सिंह, शुभम अबरोल आदि उपस्थित रहे।
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