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जम्मू-कश्मीर: शहरों में अध्यापकों की भरमार, ग्रामीण इलाकों में पद खाली, 900 अधिक अध्यापक भेजे जाएंगे गांव

Mon, 20 Sep 2021 04:19 PM IST
प्रशांत कुमार सतीश वालिया , जम्मू
सतीश वालिया , जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Mon, 20 Sep 2021 04:19 PM IST
सार

शहर में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या कम है। इसके बावजूद भी अध्यापक स्वीकृत पदों से ज्यादा सेवाएं दे रहे हैं। कुछ स्कूलों में 22 अध्यापक होने चाहिए मगर यहां पर 50 से ज्यादा अध्यापक सेवारत हैं।

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900 more surplus teachers in Jammu city will be sent to the village
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : pexels.com

विस्तार

जम्मू शहर में सरकारी स्कूलों में सरप्लस 900 से ज्यादा अध्यापकों को वापस पुरानी जगह भेजा जाएगा। इस बारे नगर निगम की ओर से शिक्षा निदेशालय को कहा गया है। इसमें शहर के अधीन आने वाले स्कूलों में सरप्लस स्टाफ को हटाया जाना है और खाली जगहों में भेजा जाना है। मौजूदा समय में शहरों में अध्यापकों की भरमार है। जबकि ग्रामीण इलाकों में अध्यापकों के पद खाली चल रहे हैं। इस कारण पढ़ाई पर विपरीत असर पड़ रहा है। 

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वहीं, शहर में सरकारी स्कूलों में पढ़ाई करने वाले छात्रों की संख्या कम है। इसके बावजूद भी अध्यापक स्वीकृत पदों से ज्यादा सेवाएं दे रहे हैं। कुछ स्कूलों में 22 अध्यापक होने चाहिए मगर यहां पर 50 से ज्यादा अध्यापक सेवारत हैं। अब तमाम अध्यापकों को पुरानी जगहों में भेजने की तैयारी शुरू हो गई है। वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से भी सूचियां तैयार की जा रही है। अध्यापकों को शहर से बाहर समायोजित किया जाना है। खाली जगहों में इनसे काम लिया जाना है। इससे ग्रामीण इलाकों में पढ़ाई का स्तर उन्नत होगा। 
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अध्यापकों की वास्तविक जगह गांवों में 
शहर में नव्वे से ज्यादा स्कूलों में 900 से ज्यादा अध्यापक सरप्लस है। इन अध्यापकों की वास्तविक तैनाती ग्रामीण इलाकों में है मगर लंबे समय से अध्यापक शहर में सेवारत है। इन अध्यापकों को पहले भी हटाने पर काम शुरू हुआ मगर कोरोना संक्रमण के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पाई। अब इन अध्यापकों को खाली जगहों में अगले सप्ताह से भेजने पर कार्रवाई आरंभ होगी। 

उच्च अधिकारियों की बबियां भी दे रही सेवाएं 
प्रदेश में उच्च पदों पर आसीन अधिकारियों की बबियां भी यहां पर सेवारत है। रसूकदार होने के कारण बार-बार तबादले से बच रही है। अब 44 से ज्यादा महिला अध्यापकों को भी ग्रामीण इलाकों में सेवाएं देनी होगी। 
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एमसी ने देखना है स्कूलों की व्यवस्था 
नई व्यवसथा के हिसाब से नगर निगम को शिक्षा विभाग के स्कूलों में व्यवस्था देखनी है। इसमें स्कूलों में मरम्मत कार्य समेत अन्य बेहतर शिक्षा देने के लिए उपाय करने हैं। ऐसे में पार्षदों की ओर से भी मसले को रखा गया है। अब इनके तबादले के बारे में नगर निगम से भी शिक्षा विभाग को पत्राचार के माध्यम से निर्देश दिए गए हैं। 

सरप्लस अध्यापकों को शहर से बाहर समायेजित किया जाना है। इस पर सूचियां तैयार हो रही है। आने वाले दिनों में अध्यापकों को समायोजित करने पर काम शुरू होगा। तमाम अध्यापकों को पुरानी जगहों में जाना होगा। इसी तरह विभाग के कार्यालयों में सरप्लस स्टाफ भी हटाया जाएगा। एमसी की ओर से भी सुझाव दिया गया है। - रवि शंकर शर्मा, निदेशक, शिक्षा विभाग

शिक्षा विभाग एमसी के दायरे में आने के बाद ही इस पर शिक्षा विभाग को जानकारी दी गई थी। स्कूलों में पढ़ाई का स्तर उन्नत किया जाएगा। सरप्लस अध्यापकों को हटाने के निर्देश पत्राचार के माध्यम से दिए गए हैं। - पूर्णिमा शर्मा, डिप्टी मेयर, नगर निगम

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