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Jammu News: लोक अदालत में पहुंचे 89,222 मामले
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दावेदारों को चेक वितरित करते डीएलएसए अध्यक्ष आरएन वट्टल। स्रोत: स्वयं।
जम्मू। प्रदेश में शनिवार को लोक अदालत का आयोजन किया गया। फैसले देने के लिए कुल 180 बेंच गठित की गई थीं। इनमें कुल 89,222 मामले पहुंचे, जिनमें से 83,623 का आपसी सहमति से निपटारा किया गया। 42 करोड़ से अधिक की मुआवजा राशि वसूली गई। जम्मू में जानीपुर स्थित परिसर में लगी लोक अदालत में कुल 986 मामले पहुंचे, जिसमें से 576 निपटाए गए।
कुल 10.75 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई। फैसले देने के लिए कुल 26 बेंचों का गठन किया गया था। इससे पूर्व बतौर मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन वट्टल ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने आपसी सहमति से होने वाले समझौतों के जरिये लंबे समय से लंबित विवादों को सुलझाने में लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि इससे त्वरित न्याय मिलने के साथ ही मुकदमेबाजी पर लागत कम बैठती है और आपसी रिश्ते भी बने रहते हैं। उन्होंने दावेदारों को मुआवजे से जुड़े चेक भी प्रदान किए। डीएलएसए की सचिव मलीका शर्मा ने व्यवस्थाओं का समुचित संचालन सुनिश्चित किया।
इस दौरान यह मामले निपटाए गए :
दीवानी विवाद
बैंक वसूली
समझौता योग्य आपराधिक मामले
मोटर दुर्घटना दावा से जुड़े मामले
वैवाहिक मुद्दे, राजस्व मामले
जमील को मिले मोटर दुर्घटना दावे के 85 लाख
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से संबंधित कई मामले आए। समझौते के बाद मोहम्मद जमील (दावेदार) के पक्ष में 85 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। यह राशि इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने बतौर मुआवजा चुकाई। इसी तरह वादी गीता देवी के पक्ष में एचडीएफसी इर्गो ने 25 लाख रुपये का भुगतान किया। वहीं, सरदारा बेगम (दावेदार) के पक्ष में नेशनल इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने बतौर मुआवजा 20 लाख रुपये चुकाए।
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कुल 10.75 करोड़ रुपये की राशि वसूली गई। फैसले देने के लिए कुल 26 बेंचों का गठन किया गया था। इससे पूर्व बतौर मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के अध्यक्ष और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश आरएन वट्टल ने लोक अदालत का शुभारंभ किया। उन्होंने आपसी सहमति से होने वाले समझौतों के जरिये लंबे समय से लंबित विवादों को सुलझाने में लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला। कहा कि इससे त्वरित न्याय मिलने के साथ ही मुकदमेबाजी पर लागत कम बैठती है और आपसी रिश्ते भी बने रहते हैं। उन्होंने दावेदारों को मुआवजे से जुड़े चेक भी प्रदान किए। डीएलएसए की सचिव मलीका शर्मा ने व्यवस्थाओं का समुचित संचालन सुनिश्चित किया।
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इस दौरान यह मामले निपटाए गए :
दीवानी विवाद
बैंक वसूली
समझौता योग्य आपराधिक मामले
मोटर दुर्घटना दावा से जुड़े मामले
वैवाहिक मुद्दे, राजस्व मामले
जमील को मिले मोटर दुर्घटना दावे के 85 लाख
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) से संबंधित कई मामले आए। समझौते के बाद मोहम्मद जमील (दावेदार) के पक्ष में 85 लाख रुपये की राशि प्रदान की गई। यह राशि इफको टोकियो जनरल इंश्योरेंस कंपनी ने बतौर मुआवजा चुकाई। इसी तरह वादी गीता देवी के पक्ष में एचडीएफसी इर्गो ने 25 लाख रुपये का भुगतान किया। वहीं, सरदारा बेगम (दावेदार) के पक्ष में नेशनल इंडिया एश्योरेंस कंपनी ने बतौर मुआवजा 20 लाख रुपये चुकाए।
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