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राष्ट्रपति चुनाव: जम्मू कश्मीर में 86 विधायकों ने डाले अपने वोट

Tue, 18 Jul 2017 12:16 AM IST
amarujala.com- Written By: श्रेयांश त्रिपाठी
amarujala.com- Written By: श्रेयांश त्रिपाठी Updated Tue, 18 Jul 2017 12:16 AM IST
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86 MLAs casted their votes in President election polls
president election

विधानसभा के सेंट्रल हाल में सोमवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए करवाए गए मतदान में राज्य के 87 विधायकों में से 86 ने वोट डाला। लंगेट से निर्दलीय विधायक इंजीनियर अब्दुल रशीद ने मतदान नहीं किया।

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मुख्य चुनाव अधिकारी शालीन काबरा की निगरानी में सुबह 10 बजे शुरू हुए मतदान में दोपहर दो बजे तक मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती और निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद को छोड़ अन्य सभी विधायकों ने वोट डाल दिए थे। महबूबा ने मतदान समाप्त होने के घंटा पूर्व शाम चार बजे वोट डाला।
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वोट डालने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उप मुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि हम राष्ट्रपति चुनाव में मजबूत स्थिति में हैं। हमारे नेतृत्व ने सभी लोगों और पार्टियों से परामर्श किया है जिसके चलते हमारे उम्मीदवार को बड़ा समर्थन मिल रहा है। न केवल एनडीए से बल्कि बाहर से भी।

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पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला समेत कई अन्य ने डाले वोट

86 MLAs casted their votes in President election polls
Omar Abdullah - फोटो : File Photo

विपक्षी दल नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने वोट डालने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि अगर राष्ट्रपति चुनाव की बात करें तो आंकड़ों के हिसाब से साफ है कि एनडीए को काफी लाभ है। यह एक सीक्रेट बैलेट है, वोट का खुलासा नहीं हो सकता, लेकिन उम्मीद कि जा रही है कि  वह पार्टियां जिन्होंने भाजपा का विरोध किया है और आगे वह राज्यों के चुनावों में भाजपा के निशाने पर होंगे, शायद आखिरी वक्त पर देश के हालत देखते हुए वह अपना फैसला बदल दें।
 
यह पूछे जाने पर कि पहली बार ऐसा होगा कि देश का प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भाजपा से होगा तो उसे वह कैसे देखते हैं, उन्होंने कहा कि जो जीता वही सिकंदर।। दिल्ली में हुकूमत उनकी है। ज्यादातर राज्यों में भी उनकी ही हुकूमत उन्हीं की है, तो जाहिर सी बात है प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति भी उनका ही होगा, लेकिन आगे जाके इस सूरतेहाल को कैसे बदला जाए उसके लिए विपक्ष सोच विचार कर रहा है। आगे हम भाजपा को मुकाबला दे पाएंगे, कैसा मुकाबला होगा उसके लिए हमें 2019 के लिए तैयारी करनी होगी।

 चुनाव में वोट न डालने वाले निर्दलीय विधायक इंजीनियर रशीद ने  एक बयान में कहा कि भाजपा को वोट डालना कभी भी मेरी पसंद नहीं होती और विपक्ष वोट मांगने का अधिकार खो चुकी है। विपक्षी दलों ने उन्हें कई बार अप्रोच किया लेकिन मैंने स्पष्ट कर दिया कि कांग्रेस वोट मांगने का अधिकार खो बैठी है। इसका कारण राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उमर अब्दुल्ला और सैफुद्दीन सोज के सामने वादा किया था कि मानवीय दृष्टिकोण से अफजल की दया याचिका पर गौर किया जाएगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ और उसे फांसी दी गई। 

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