जम्मू में पांच मिनट के भीतर 70 झुग्गियां जलकर राख, मामले की जांच जारी
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जम्मू। हर तरफ बिखरी राख, उसके बीच बैठी महिलाएं और चेहरों पर भविष्य की चिंता। आंखों के सामने जला हुआ सामान। थोड़ा-थोड़ा करके जो सामान बनाया था, वो सब पांच मिनट में ही राख हो गया।
शनिवार सुबह बच्चों के खाने तक की व्यवस्था नहीं, भूख प्यास से छटपटाते बच्चों की फूटी किस्मत पर बिलखते बच्चे। यह तस्वीर त्रिकुटा नगर के मराठा कालोनी में बनीं कुल 70 झुग्गियां शुक्रवार की देर रात जल कर राख होने के बाद की है।
हादसे में सैकड़ों लोगों का आशियाना जल गया। हादसे में लोग सिर्फ अपने तन पर पहने कपड़ों को ही बचा पाए। इसके अलावा उनका सारा सामान जलकर राख हो गया। कई लोगों ने पैसे जमा करके रखे हुए थे।
जो अंदर ही जल गए। एक महिला ने बताया कि उसने दस हजार रुपये मुश्किल से पाई-पाई जमा करके रखे थे। वो सब जल गए। इसके अलावा कई लोग हैं, जिनके घरों का जरूरी सामान था। वह लोग कुछ नहीं बचा पाए।
संभलने का मौका ही नहीं मिला
लोगों ने बताया कि रात को 12.30 बजे आग लगी। तब सभी लोग सो रहे थे। आग एकदम से फैल गई। यदि वह अपना सामान बचाने की कोशिश करते तो खुद जिंदा जल जाते। वह जो कपड़े पहने थे, उन्हीं को पहने हुए बाहर भागे और किसी तरह से खुद को बचा लिया। लेकिन उनका सारा सामान जल गया।
कई लोगों ने मदद की
कुछ लोगों ने श्रमिकों को त्रिपाल दी। ताकि वह लोग अपना सिर छुपा सकें। एक संस्था की ओर से लोगों में बर्तन बांटे गए, ताकि वह लोग खाना खा सकें। लोगों का कहना है कि सरकार की तरफ से उनकी मदद करने के लिए कोई नहीं पहुंचा। खुद उन लोगों ने बंदोबस्त कर खाना बनाया और बच्चों को खिलाया।
बच गई रोहिंग्या बस्ती भी
ऐसा होने पर 100 के करीब झुग्गियां और जल जातीं। वर्ष 2016 में नवंबर माह में भटिंडी इलाके में भी इसी तरह की घटना हुई थी। जब 50 से अधिक झुग्गियां जल गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हो गई थी।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू की
पुलिस ने मामले को लेकर केस दर्ज कर लिया है। 174 के तहत मामले की जांच शुरू की गई है। जिस शख्स की यह जगह है, उसके खिलाफ भी पुलिस कार्रवाई कर सकती है। बिना अनुमति के लोगों को इस तरह से रखने पर कार्रवाई हो सकती है।
शहर में हजारों झुग्गियां बन सकती है खतरा
शहर के कई इलाकों में झुग्गियां बनी हुई हैं। इनमें श्रमिक और रोहिंग्या रहते हैं। यह सभी झुग्गियां मोम और लकड़ियों से बनी हुई हैं। इन झुग्गियों में बिजली की व्यवस्था सबसे अधिक खतरे वाली है। क्योंकि झुग्गियों के बीच aहर जगह तारें आपस में उलझी हुई हैं। एक जरा सी चिंगारी तार से निकले तो सब कुछ जल कर राख हो जाएगा। शहर में यह झुग्गियां खतरे से कम नहीं है।