फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   80 percent of schools do not have girls toilets in J&K

जम्मू कश्मीर के 80 फीसदी स्कूलों में गर्ल्स शौचालय नहीं

Sat, 02 Jul 2016 07:27 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू Updated Sat, 02 Jul 2016 07:27 PM IST
विज्ञापन
 80 percent of schools do not have girls toilets in J&K
- फोटो : DEMO PIC

रियासत में स्कूलों में शौचालयों की स्थिति काफी दयनीय है। सह शिक्षा वाले स्कूलों में 40 से 81 फीसदी तक गर्ल्स शौचालय नहीं हैं। 2010-11 से 2013-14 के बीच गर्ल्स शौचालयों का निर्माण काफी कम संख्या में कराया गया। इसके पीछे वजह फंड की कमी बताई जा रही है। 

विज्ञापन


सरकार का यह जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है। हकीकत यह है कि पर्याप्त फंड उपलब्ध होने के बाद भी उसका उपयोग नहीं किया जा सका। 2010-11 से 2014-15 के बीच 22 से 68 फीसदी की राशि उपयोग में नहीं लाई जा सकी। यह खुलासा कैग की रिपोर्ट में किया गया है। 
विज्ञापन


रिपोर्ट में कहा गया है कि सभी सरकारी स्कूलों में शौचालय का निर्माण किया जाना है। 2010-15 के बीच 24918 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया था। इसमें से केवल 6526 शौचालयों का ही निर्माण कराया जा सका। यानी लक्ष्य के विपरीत 74 फीसदी की कमी रही। 

विज्ञापन
विज्ञापन

आंगनबाड़ी केंद्रों में बेबी फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण की सिफारिश

 80 percent of schools do not have girls toilets in J&K

चयनित जिलों में 2010-15 के बीच 5050 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य था, जबकि 2067 ही बन पाए। लक्ष्य का केवल 41 फीसदी ही शौचालयों का निर्माण हो सका। इस अवधि में लक्ष्य को प्राप्त न कर पाने का प्रतिशत 53 से 74 फीसदी के बीच रहा। विभाग की ओर से इसके लिए स्टाफ तथा फंड की कमी को कारण बताया जा रहा है। 

रिपोर्ट में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में 2024 शौचालयों के निर्माण के लक्ष्य के विपरीत 270 का ही निर्माण कराया जा सका। यानी 2010-15 के बीच मात्र 13 फीसदी लक्ष्य की प्राप्ति हुई। 

पांच चयनित जिलों में 2010-15 के बीच 807 में से 191 आंगनबाड़ी में शौचालयों का निर्माण कराया गया। रिपोर्ट में कहा गया है कि आंगनबाड़ी केंद्रों में बेबी फ्रेंडली शौचालयों के निर्माण की सख्त जरूरत है, ताकि उनमें शुरू से ही शौचालयों के प्रयोग की आदत बन सके।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed