{"_id":"5c969334bdec2214666d79f0","slug":"71553371956-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"कठुआ में कांग्रेस की महारैली में उमड़ा समर्थकों का सैलाब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कठुआ में कांग्रेस की महारैली में उमड़ा समर्थकों का सैलाब
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कठुआ। डोडा-उधमपुर लोकसभा क्षेत्र में नामांकन प्रक्रिया के बीच ही शक्ति प्रदर्शन का दौर शुरू हो चुका है। शनिवार को कांग्रेस की ओर से तय नामांकन भरने की प्रक्रिया में समर्थकों का सैलाब उमड़ पड़ा। नेशनल हाईवे से लेकर कठुआ कॉलेज मार्ग रैली के दौरान पूरी तरह से समर्थकों और वाहनों से पटी रही। रामलीला मैदान में कार्यकर्ताओं के सैलाब ने पार्टी के पदाधिकारियों का भी जोश बढ़ाया।
रैली को विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलवीर सिंह, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी, मोहम्मद शरीफ नियाज, वकार रसूल, पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व विधान परिषद सदस्य सुभाष गुप्ता ने संबोधित किया।
ठाकुर बलवीर सिंह ने कहा कि डोगरों के नाम पर वोट मांगने वाले परिधान से डोगरे नहीं होते। डोगरों को आबाद करने वाले और उनके हित में फैसला लेने वाले महाराजा हरि सिंह के परिवार के सदस्य ही असली डोगरा हैं। कांग्रेस की रैली में बैठा हर शख्स और जम्मू संभाग का हर एक व्यक्ति डोगरा है।
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मीर ने कहा कि देश में 545 सीटों पर विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। सब अच्छे होंगे और सबने बेहतर से बेहतर चुनाव की तैयारी की होगी। मगर, दावे के साथ कह सकते हैं कि काबिल और लोगों का दर्द समझने वाला कैंडिडेट राहुल गांधी ने इस लोकसभा क्षेत्र में दिया है। डोडा-उधमपुर लोकसभा हल्का एक छोटा हिंदुस्तान है, जहां हर धर्म व जाति के लोग रहते हैं। जिस तरह का नुमाइंदा यहां चाहिए था उस से कई गुणा बेहतर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनता के हवाले किया है। इस दौरान एडवोकेट राकेश ठाकुर सहित कई लोगों ने कांग्रेस का दामन थामा। कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी स्पीकर हैदर मलिक, वरिष्ठ नेता देविंद्र सिंह बिंदू, युवा महासचिव आकाश भारत, पंकज खजूरिया व पंकज शर्मा सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
...अब मुझे भी एक मौका दें : विक्रमादित्य सिंह
मेरे परिवार ने रियासत की सेवा की है, अब मुझे भी एक मौका दें, ताकि अपने लोगों की सेवा के इस सिलसिले को आगे बढ़ाया जाए। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने उतरे विक्रमादित्य सिंह ने रामलीला मैदान में आयोजित रैली को अपने मंतव्य से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे मार्तंड सिंह उनके साथ हैं और ऐसे में यदि कुछ गलत होता है तो उन्हें जनता को जवाब देना होगा। लिहाजा रियासत के लोगों के हक के लिए इस चुनाव मैदान में उतरे हैं और यह साबित कर देंगे कि यह फैसला जनता के हक में है।
भाजपा-पीडीपी गठबंधन को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि कठुआ जिला से तीन कैबिनेट मंत्री रहे और भाजपा के पांच विधायकों को जनता ने चुन कर भेजा, लेकिन उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए समझौता कर लिया। आज राज्य की जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है। यह वही विधायक थे, जिन्होंने हर कार्यक्रम में महाराजा हरि सिंह को याद कर पुष्प मालाएं पहनाने की औपचारिकता तो पूरी की, लेकिन विधानसभा में लाए गए महाराजा हरि सिंह की छुट्टी के संबंध में चुप्पी साध ली। जम्मू को जोड़ने की जगह धर्म संप्रदाय के नाम पर तोड़ दिया। यह वह सुशासित राज्य नहीं है, जिसकी कल्पना महाराजा हरि सिंह ने की थी। कांग्रेस के दौर में शुरू की गई योजनाओं के फीते काटकर और नाम बदलकर यह जनता की आंखों में धूल झोंकते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं इन्होंने शुरू करवाने के ऐलान किए वो अपने कार्यकाल में यह शुरू भी नहीं करवा पाए हैं। जनता को सही और गलत की पहचान का यही सही समय है।
दो सौ वर्ष पुराने रिश्ते को आगे बढ़ाने का समय : मार्तंड सिंह
महाराजा हरि सिंह के परपौत्र मार्तंड सिंह ने कहा कि दो सौ वर्ष पुराने पूर्वजों के रिश्ते को आगे बढ़ाने का गर्व महसूस हो रहा है। नौजवानों के साथ मिलकर रियासत को आगे बढ़ाया जाएगा। महाराजा हरि सिंह के बाद डॉ. कर्ण सिंह इसी संसदीय क्षेत्र से चार बार सांसद रहे और उम्मीद है कि आगे भी जन सेवा करते रहेंगे।
तय तिथि पर नामांकन नहीं भर पाए कांग्रेस प्रत्याशी
बैंक की तर्ज पर दूसरे और चौथे शनिवार बंद रहने वाले चुनाव आयोग की छुट्टी का आदेश कठुआ में शुक्रवार रात अमल में लाया गया। लिहाजा कांग्रेस प्रत्याशी शनिवार को तय कार्यक्रम के अनुसार नामांकन नहीं भर पाए। कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह हैरानी वाला फैसला था, जिसके तहत उन्हें रात साढ़े दस बजे के करीब सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि बाकायदा 22 मार्च को ही इस रैली की लिखित में अनुमति ली थी और यह भी बताया जा चुका था कि शनिवार को नामांकन भरने जा रहे हैं।
कांग्रेस राज्य अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं को संगठित करना एक मकसद था, जिसे पूरा किया गया है। अब 26 मार्च से पहले कभी भी पार्टी के खास लोग प्रत्याशी के साथ आकर नामांकन दाखिल कर देंगे। पिछले पांच साल में तोड़फोड़ की सियासत देश में की गई है। इसे देखते यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि विभिन्न धर्मों के लोग एकजुट हों। यह आवाम की भी मांग थी कि वोटों को बंटने न दिया जाए लिहाजा हर धर्म की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में सेक्यूलर गठबंधन किया गया है। यह एक पहल थी और उम्मीद है कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए बेहतर परिणाम दे पाएगी। मीर ने कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से डोडा-उधमपुर सीट पर शनिवार को नामांकन न भर पाने के सवाल पर कहा कि यह प्रशासन की नाफहमी थी। प्रशासन ने बाकायदा राजनीतिक दलों से बात की नामांकन की तिथियां अलाट की थीं। 22 को भाजपा ने डोडा-उधमपुर सीट पर नामांकन किया और 23 को कांग्रेस की बारी थी। चुनाव आयोग को देर रात ख्याल आया कि शनिवार को बैंक छुट्टी होती है और देर रात फैसला ले लिया गया।
मीर ने विक्रमादित्य सिंह को सौंपा टिकट
रामलीला मैदान में रैली के दौरान कांग्रेस राज्य अध्यक्ष जीए मीर ने विक्रमादित्य सिंह को औपचारिक तौर पर कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित करते हुए टिकट सौंपा। कांग्रेस की ओर से विक्रमादित्य सिंह के चुनाव मैदान में उतरने की औपचारिक घोषणा का इंतजार था। जबकि आचार संहिता लागू होने के बाद से ही विक्रमादित्य समर्थकों सहित चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे।
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रैली को विधान परिषद सदस्य ठाकुर बलवीर सिंह, पूर्व मंत्री जीएम सरूरी, मोहम्मद शरीफ नियाज, वकार रसूल, पूर्व उपमुख्यमंत्री ताराचंद, पूर्व विधान परिषद सदस्य सुभाष गुप्ता ने संबोधित किया।
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ठाकुर बलवीर सिंह ने कहा कि डोगरों के नाम पर वोट मांगने वाले परिधान से डोगरे नहीं होते। डोगरों को आबाद करने वाले और उनके हित में फैसला लेने वाले महाराजा हरि सिंह के परिवार के सदस्य ही असली डोगरा हैं। कांग्रेस की रैली में बैठा हर शख्स और जम्मू संभाग का हर एक व्यक्ति डोगरा है।
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मीर ने कहा कि देश में 545 सीटों पर विभिन्न पार्टियों के उम्मीदवार मैदान में उतरेंगे। सब अच्छे होंगे और सबने बेहतर से बेहतर चुनाव की तैयारी की होगी। मगर, दावे के साथ कह सकते हैं कि काबिल और लोगों का दर्द समझने वाला कैंडिडेट राहुल गांधी ने इस लोकसभा क्षेत्र में दिया है। डोडा-उधमपुर लोकसभा हल्का एक छोटा हिंदुस्तान है, जहां हर धर्म व जाति के लोग रहते हैं। जिस तरह का नुमाइंदा यहां चाहिए था उस से कई गुणा बेहतर कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने जनता के हवाले किया है। इस दौरान एडवोकेट राकेश ठाकुर सहित कई लोगों ने कांग्रेस का दामन थामा। कार्यक्रम में पूर्व डिप्टी स्पीकर हैदर मलिक, वरिष्ठ नेता देविंद्र सिंह बिंदू, युवा महासचिव आकाश भारत, पंकज खजूरिया व पंकज शर्मा सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
...अब मुझे भी एक मौका दें : विक्रमादित्य सिंह
मेरे परिवार ने रियासत की सेवा की है, अब मुझे भी एक मौका दें, ताकि अपने लोगों की सेवा के इस सिलसिले को आगे बढ़ाया जाए। कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ने उतरे विक्रमादित्य सिंह ने रामलीला मैदान में आयोजित रैली को अपने मंतव्य से अवगत करवाया। उन्होंने कहा कि उनके बेटे मार्तंड सिंह उनके साथ हैं और ऐसे में यदि कुछ गलत होता है तो उन्हें जनता को जवाब देना होगा। लिहाजा रियासत के लोगों के हक के लिए इस चुनाव मैदान में उतरे हैं और यह साबित कर देंगे कि यह फैसला जनता के हक में है।
भाजपा-पीडीपी गठबंधन को भी आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा कि कठुआ जिला से तीन कैबिनेट मंत्री रहे और भाजपा के पांच विधायकों को जनता ने चुन कर भेजा, लेकिन उन्होंने अपने निजी स्वार्थ के लिए समझौता कर लिया। आज राज्य की जनता स्वयं को ठगा हुआ महसूस कर रही है। यह वही विधायक थे, जिन्होंने हर कार्यक्रम में महाराजा हरि सिंह को याद कर पुष्प मालाएं पहनाने की औपचारिकता तो पूरी की, लेकिन विधानसभा में लाए गए महाराजा हरि सिंह की छुट्टी के संबंध में चुप्पी साध ली। जम्मू को जोड़ने की जगह धर्म संप्रदाय के नाम पर तोड़ दिया। यह वह सुशासित राज्य नहीं है, जिसकी कल्पना महाराजा हरि सिंह ने की थी। कांग्रेस के दौर में शुरू की गई योजनाओं के फीते काटकर और नाम बदलकर यह जनता की आंखों में धूल झोंकते रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो योजनाएं इन्होंने शुरू करवाने के ऐलान किए वो अपने कार्यकाल में यह शुरू भी नहीं करवा पाए हैं। जनता को सही और गलत की पहचान का यही सही समय है।
दो सौ वर्ष पुराने रिश्ते को आगे बढ़ाने का समय : मार्तंड सिंह
महाराजा हरि सिंह के परपौत्र मार्तंड सिंह ने कहा कि दो सौ वर्ष पुराने पूर्वजों के रिश्ते को आगे बढ़ाने का गर्व महसूस हो रहा है। नौजवानों के साथ मिलकर रियासत को आगे बढ़ाया जाएगा। महाराजा हरि सिंह के बाद डॉ. कर्ण सिंह इसी संसदीय क्षेत्र से चार बार सांसद रहे और उम्मीद है कि आगे भी जन सेवा करते रहेंगे।
तय तिथि पर नामांकन नहीं भर पाए कांग्रेस प्रत्याशी
बैंक की तर्ज पर दूसरे और चौथे शनिवार बंद रहने वाले चुनाव आयोग की छुट्टी का आदेश कठुआ में शुक्रवार रात अमल में लाया गया। लिहाजा कांग्रेस प्रत्याशी शनिवार को तय कार्यक्रम के अनुसार नामांकन नहीं भर पाए। कांग्रेस प्रत्याशी विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि यह हैरानी वाला फैसला था, जिसके तहत उन्हें रात साढ़े दस बजे के करीब सूचित किया गया। उन्होंने बताया कि बाकायदा 22 मार्च को ही इस रैली की लिखित में अनुमति ली थी और यह भी बताया जा चुका था कि शनिवार को नामांकन भरने जा रहे हैं।
कांग्रेस राज्य अध्यक्ष जीए मीर ने कहा कि नामांकन के दौरान कार्यकर्ताओं को संगठित करना एक मकसद था, जिसे पूरा किया गया है। अब 26 मार्च से पहले कभी भी पार्टी के खास लोग प्रत्याशी के साथ आकर नामांकन दाखिल कर देंगे। पिछले पांच साल में तोड़फोड़ की सियासत देश में की गई है। इसे देखते यह सुनिश्चित करने की कोशिश की गई कि विभिन्न धर्मों के लोग एकजुट हों। यह आवाम की भी मांग थी कि वोटों को बंटने न दिया जाए लिहाजा हर धर्म की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए राज्य में सेक्यूलर गठबंधन किया गया है। यह एक पहल थी और उम्मीद है कि देश की एकता, अखंडता और विकास के लिए बेहतर परिणाम दे पाएगी। मीर ने कांग्रेस प्रत्याशी की ओर से डोडा-उधमपुर सीट पर शनिवार को नामांकन न भर पाने के सवाल पर कहा कि यह प्रशासन की नाफहमी थी। प्रशासन ने बाकायदा राजनीतिक दलों से बात की नामांकन की तिथियां अलाट की थीं। 22 को भाजपा ने डोडा-उधमपुर सीट पर नामांकन किया और 23 को कांग्रेस की बारी थी। चुनाव आयोग को देर रात ख्याल आया कि शनिवार को बैंक छुट्टी होती है और देर रात फैसला ले लिया गया।
मीर ने विक्रमादित्य सिंह को सौंपा टिकट
रामलीला मैदान में रैली के दौरान कांग्रेस राज्य अध्यक्ष जीए मीर ने विक्रमादित्य सिंह को औपचारिक तौर पर कांग्रेस का प्रत्याशी घोषित करते हुए टिकट सौंपा। कांग्रेस की ओर से विक्रमादित्य सिंह के चुनाव मैदान में उतरने की औपचारिक घोषणा का इंतजार था। जबकि आचार संहिता लागू होने के बाद से ही विक्रमादित्य समर्थकों सहित चुनाव प्रचार में जुटे हुए थे।