{"_id":"5bcb7fd2bdec2269c41f428b","slug":"61540063186-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्रियों का चुनाव-प्रचार भी नहीं आया काम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्रियों का चुनाव-प्रचार भी नहीं आया काम
Updated Sun, 21 Oct 2018 12:49 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। दिन रात प्रचार करने के बाद भी भारतीय जनता पार्टी को उधमपुर नगर परिषद में जरूरत अनुसार सीटें नहीं मिल सकी है। 21 में से चार सीटें मिलने पर भाजपा की उम्मीदों पर पानी फिर गया है। जब शहरवासियों को चुनाव परिणाम का पता चला तो हर कोई भाजपा को लेकर चर्चा करता नजर आया।
निकाय चुनाव का एलान होने क बाद चुनाव प्रचार में सबसे ज्यादा मेहनत भारतीय जनता पार्टी ने की थी। चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह विशेष तौर पर उधमपुर पहुंचे और सभी 21 प्रत्याशियों में जोश भरने के साथ शहरवासियों से समर्थन मांगा। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, राज्य सभा सांसद शमशेर सिंह मन्हास, अशोक कौल सहित कई बड़े नेताओं ने उधमपुर पहुंच कर चुनाव प्रचार किया और सभी 21 प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा। दिन रात के चुनाव प्रचार को देख कर भाजपा को भी लगने लगा था कि वह उधमपुर शहर में सबसे बड़ी पार्टी बन कर सामने आएंगे और उनकी जीत पक्की है, लेकिन यही जरूरत से ज्यादा विश्वासन भाजपा को ले डूबा। इसलिए भाजपा के हाथ शहर में केवल चार सीटें लगी। वहीं जब शहर में लोगों को भाजपा को चार सीटें मिलने की सूचना मिली तो सभी हैरान रह गए। हर कोई इसी बात को लेकर चर्चा करता नजर आया।
विज्ञापन
निकाय चुनाव का एलान होने क बाद चुनाव प्रचार में सबसे ज्यादा मेहनत भारतीय जनता पार्टी ने की थी। चुनाव प्रचार के लिए केंद्रीय राज्य मंत्री डा. जितेंद्र सिंह विशेष तौर पर उधमपुर पहुंचे और सभी 21 प्रत्याशियों में जोश भरने के साथ शहरवासियों से समर्थन मांगा। इसके अलावा प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना, राज्य सभा सांसद शमशेर सिंह मन्हास, अशोक कौल सहित कई बड़े नेताओं ने उधमपुर पहुंच कर चुनाव प्रचार किया और सभी 21 प्रत्याशियों के लिए समर्थन मांगा। दिन रात के चुनाव प्रचार को देख कर भाजपा को भी लगने लगा था कि वह उधमपुर शहर में सबसे बड़ी पार्टी बन कर सामने आएंगे और उनकी जीत पक्की है, लेकिन यही जरूरत से ज्यादा विश्वासन भाजपा को ले डूबा। इसलिए भाजपा के हाथ शहर में केवल चार सीटें लगी। वहीं जब शहर में लोगों को भाजपा को चार सीटें मिलने की सूचना मिली तो सभी हैरान रह गए। हर कोई इसी बात को लेकर चर्चा करता नजर आया।
विज्ञापन