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गेंदा के फूल की खेती से किसान होंगे मालामाल
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जम्मू। जम्मू संभाग में किसान अब गेंदे का फूल उगाकर अपनी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ कर सकते हैं। इसके लिए फ्लोरीकल्चर विभाग किसानों को मदद करेगा। अब विभाग गेंदे के फूल की खेती के लिए किसानों को एक कनाल भूमि में फूल की खेती के लिए एक हजार से ढाई हजार रुपये तक सब्सिडी देगा। इतनी ही राशि किसान खुद से डालकर खेती शुरू कर सकते हैं। तैयार फूल को बेच कर किसान अच्छी आय अर्जित कर सकते हैं।
त्योहारी सीजन में फूलों की अच्छी खासी डिमांड रहती है। गेंदे के फूल सबसे ज्यादा खरीदे जाते हैं। मंदिरों के शहर और जम्मू संभाग में जरूरत के मुताबिक यहां फूलों का उत्पादन नहीं होता है। लिहाजा विभाग ने किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। बाजार में त्योहारी सीजन में गेंदे के फूल प्रति किलो 180 रुपये तक बिकत है। जबकि सामान्य दिनों में 150 किलो कीमत रहती है। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में फूल की पैदावार सिर्फ नर्सरियों में ही होती है। अलग-अलग जिलों में किसान भी खेती करते हैं। लेकिन वह नाकाफी होता है।
बरसात में रोपा जा सकता
बरसात के दिनों में फूल के पौधे रोपे जा सकते हैं। सितंबर और अक्तूबर में फूल के पौधे तैयार होने शुरू हो जाते हैं।
सीजन में प्रतिदिन 20 से 25 क्विंटल बिकता है फूल
त्योहारी सीजन में जम्मू संभाग में प्रतिदिन 20 से 25 क्विंटल फूल की डिमांड रहती है। जबकि सामान्य दिनों में दो से तीन क्विंटल फूल बाजार में बेचे जाते हैं। मंदिरों के शहर की जरूरत के मुताबिक फूलों का उत्पादन यहां नहीं हो पाता है। यहां पूजा के लिए सबसे ज्यादा फूल खरीदे जाते हैं।
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डिमांड पर पड़ोसी राज्यों में भेजा जाता फूल
विभाग को फूलों की दूसरे राज्यों से डिमांड आने पर स्थानीय किसानों से संपर्क किया जाता है। ऐसी स्थिति में फूल पड़ोसी राज्यों को भेजा जाता है। बाहर भेजने की सूरत में कीमत और अच्छी 200 रुपये प्रति तक मिल जाती है।
गेंदे के फूल की खेती के लिए फ्लोरीकल्चर विभाग की ओर से सब्सिडी किसानों को दी जाएगी। एक हेक्टेयर के लिए एक हजार से 2500 रुपये तक सब्सिडी मिलेगी। किसान फूल उगाकर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
- बर्बिला रकवाल, निदेशक, फ्लोरीकल्चर
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त्योहारी सीजन में फूलों की अच्छी खासी डिमांड रहती है। गेंदे के फूल सबसे ज्यादा खरीदे जाते हैं। मंदिरों के शहर और जम्मू संभाग में जरूरत के मुताबिक यहां फूलों का उत्पादन नहीं होता है। लिहाजा विभाग ने किसानों को फूलों की खेती के लिए प्रोत्साहित करने का फैसला किया है। बाजार में त्योहारी सीजन में गेंदे के फूल प्रति किलो 180 रुपये तक बिकत है। जबकि सामान्य दिनों में 150 किलो कीमत रहती है। मौजूदा समय में जम्मू संभाग में फूल की पैदावार सिर्फ नर्सरियों में ही होती है। अलग-अलग जिलों में किसान भी खेती करते हैं। लेकिन वह नाकाफी होता है।
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बरसात में रोपा जा सकता
बरसात के दिनों में फूल के पौधे रोपे जा सकते हैं। सितंबर और अक्तूबर में फूल के पौधे तैयार होने शुरू हो जाते हैं।
सीजन में प्रतिदिन 20 से 25 क्विंटल बिकता है फूल
त्योहारी सीजन में जम्मू संभाग में प्रतिदिन 20 से 25 क्विंटल फूल की डिमांड रहती है। जबकि सामान्य दिनों में दो से तीन क्विंटल फूल बाजार में बेचे जाते हैं। मंदिरों के शहर की जरूरत के मुताबिक फूलों का उत्पादन यहां नहीं हो पाता है। यहां पूजा के लिए सबसे ज्यादा फूल खरीदे जाते हैं।
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डिमांड पर पड़ोसी राज्यों में भेजा जाता फूल
विभाग को फूलों की दूसरे राज्यों से डिमांड आने पर स्थानीय किसानों से संपर्क किया जाता है। ऐसी स्थिति में फूल पड़ोसी राज्यों को भेजा जाता है। बाहर भेजने की सूरत में कीमत और अच्छी 200 रुपये प्रति तक मिल जाती है।
गेंदे के फूल की खेती के लिए फ्लोरीकल्चर विभाग की ओर से सब्सिडी किसानों को दी जाएगी। एक हेक्टेयर के लिए एक हजार से 2500 रुपये तक सब्सिडी मिलेगी। किसान फूल उगाकर आर्थिक स्थिति मजबूत कर सकते हैं।
- बर्बिला रकवाल, निदेशक, फ्लोरीकल्चर