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सड़ रही जम्मू परिवहन की पांच सौ बसें
ब्यूरो/अमरउजाला, जम्मू
Updated Thu, 29 Oct 2015 06:43 PM IST
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राज्य परिवहन निगम (एसआरटीसी) के एक तिहाई वाहन आतंकवाद, विभिन्न घटनाओं में हुए बवाल, बाढ़ की भेंट चढ़ गए। यही नहीं, मरम्मत के अभाव में भी सैकड़ों वाहन वर्कशाप में खड़े खड़े सड़ रहे हैं।
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पिछले दो दशकों पर नजर डालें तो निगम की कुल बसों में से तीन सौ बसें ही मौजूदा समय में चल रही हैं। निगम की हालत इतनी पतली है कि सबा सौ अनफिट चालक बसों को चला रहे हैं।
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हालांकि निगम के पास प्रर्याप्त चालक हैं। जानकारी के अनुसार पिछले वर्ष राज्य परिवहन निगम की 125 बसें श्रीनगर में बाढ़ की वजह से खराब हो गई।
बसों के इंजन में पानी चला गया। कइयों की सीटें खराब हो गई। इन बसों में से 20 बसों को ही मरम्मत कर चलाया जा सका। इसके अलावा 2008 में अमरनाथ यात्रा जमीन विवाद के चलते 70 वाहनों के शीशे टूट गए।
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इसके बाद से अब तक कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी की भेंट 40 बसें चढ़ चुकी हैं। आतंकवाद के दौरान 250 बसों को फूंक दिया गया या फिर क्षतिग्रस्त कर दिया गया।
कुल मिलाकर पांच सौ से अधिक बसें हालात और तनाव के चलते क्षतिग्रस्त हो गईं। इस समय निगम के पास कुल 550 वाहन है। इनमें 215 ट्रक और 235 बसें मौजूद हैं।
300 से अधिक बसें वर्कशाप में मरम्मत का इंतजार कर रही हैं। निगम के पास मौजूदा समय में स्थायी और अस्थायी चालकों की संख्या 970 के करीब है।
इनमें से सबा सौ चालक ऐसे हैं, जो अनफिट है। इन चालकों की नजर कम हो गई है और शरीर भी साथ नहीं देता। बावजूद इसके चालक बसें चला रहे हैं।
बिडंवना यह भी है कि चालकों की प्रमोशन के लिए कोई नियम नहीं। वह चालक के तौर पर भर्ती होते हैं और चालक के तौर पर ही रिटायर हो जाते हैं। राज्य में सरकारी बसों की संख्या न के बराबर है।
इस समय राज्य में 300 बसें चल रही हैं। जबकि राज्य की आबादी करीब एक करोड़ 20 लाख के आसपास है। ऐसे में 40 हजार लोगों पर एक सरकारी बस चलती है।
इन बसों में भी आधी बाहरी राज्यों के लिए चलती हैं। जम्मू शहर में एसआरटीसी की एक भी बस नहीं चलती। जम्मू से पुंछ, राजोरी, डोडा, किश्तवाड़, रियासी, के लिए एक एक बस चलती है।
श्रीनगर के लिए 25 बसें चलती हैं। श्रीनगर से आसपास के जिलों के लिए कोई बस नहीं चलती। परिवहन मंत्री अब्दुल गनी कोहली का कहना है कि एसआरटीसी की हालत किसी से छुपी नहीं है।
अब तक इसे लेकर सीएम से बैठक भी नहीं हुई। निगम को फिर से रिवाइव करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। लेकिन इसमें वक्त लगेगा। राज्य परिवहन निगम में फालतू का स्टाफ बाहर जाएगा।
निगम ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार कर रहा है, जो काम नहीं कर रहे। जिनका कोई काम नहीं हो रहा। इन कर्मचारियों को मोटर व्हीकल विभाग में लाने की तैयारी की जा रही है। परिवहन मंत्री ने इसकी जानकारी दी है।