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सीमा पार से फायरिंग के पीड़ितों को मिलेगा 5 लाख मुआवजा
एजेंसी/नई दिल्ली
Updated Thu, 25 Aug 2016 11:05 AM IST
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पाक की गोलाबारी
- फोटो : File Photo
आतंकी वारदातों और नक्सली हिंसा के मामलों की तरह अब जम्मू-कश्मीर में सीमा पार से फायरिंग में जान जाने पर भी 5 लाख रुपये का मुआवजा मिलेगा।
केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। मालूम हो कि अब तक सीमा पार से फायरिंग के पीड़ितों को मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इतना ही नहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोग भी इस योजना के तहत मुआवजा पाने के हकदार होंगे।
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केंद्र सरकार ने इस प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। मालूम हो कि अब तक सीमा पार से फायरिंग के पीड़ितों को मुआवजा देने की कोई व्यवस्था नहीं थी।
इतना ही नहीं, पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में रहने वाले लोग भी इस योजना के तहत मुआवजा पाने के हकदार होंगे।
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- फोटो : File Photo
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इसके तहत देश में आतंकी, नक्सली वारदातों, सांप्रदायिक घटनाओं, आईईडी ब्लास्ट के मामलों में भी केंद्र की ओर से दी जाने वाली सहायता को तीन लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया गया है।
जम्मू-कश्मीर में 770 किमी लंबी एलओसी और 220 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की घटनाएं होती रहती हैं। इनमें औसतन 50 नागरिकों की हर साल मौत हो जाती है।
ताजा फैसले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी घटनाओं में 50 फीसदी या उससे ज्यादा अपंगता का शिकार होने वालों को भी मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन, मुआवजा पाने के लिए शर्त यही होगी कि घटना का शिकार हुए व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को राज्य या केंद्र सरकार की ओर से नौकरी नहीं दी गई हो।
जम्मू-कश्मीर में 770 किमी लंबी एलओसी और 220 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से फायरिंग की घटनाएं होती रहती हैं। इनमें औसतन 50 नागरिकों की हर साल मौत हो जाती है।
ताजा फैसले की जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि ऐसी घटनाओं में 50 फीसदी या उससे ज्यादा अपंगता का शिकार होने वालों को भी मुआवजा दिया जाएगा। लेकिन, मुआवजा पाने के लिए शर्त यही होगी कि घटना का शिकार हुए व्यक्ति के परिवार के किसी सदस्य को राज्य या केंद्र सरकार की ओर से नौकरी नहीं दी गई हो।