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केंद्र से 4.30 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन मांगा
ब्यूरो, अमर उजाला/जम्मू
Updated Sun, 22 May 2016 10:39 AM IST
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4.30 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन एपीएल मूल्य दर पर मुहैया करवाने का आग्रह
- फोटो : Demo Pic.
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रियासत सरकार ने एक जुलाई 2016 से अपनी महत्वाकांक्षी मुफ्ती मोहम्मद सईद फूड इंटाइटलमेंट स्कीम (एमएमएसएफईएस) को लागू करने के लिए केंद्र से 4.30 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन एपीएल मूल्य दर पर मुहैया करवाने का आग्रह किया।
नई दिल्ली में शनिवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य मंत्रियों की बैठक में राज्य के उपभोक्ता मामलों एवं जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने केंद्र सरकार के समक्ष रियासत का पक्ष रखा।
केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में जुल्फिकार अली ने रियासती सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि कहा कि एमएमएसएफईएस स्कीम लागू करने के लिए रियायत सरकार को सालाना 11.37 लाख मीट्रिक टन राशन को खरीदना पड़ेगा।
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इसके लिए 1367 करोड़ की राशि की जरूरत पड़ेगी। जन वितरण प्रणाली से राशन जारी करने पर 1030 करोड़ की राशि सरकार को हासिल होगी और 337 करोड़ का सालाना बोझ सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वह 4.30 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन एपीएल मूल्य दर पर रियासत को जारी करने के निर्देश जारी करें।
जुल्फिकार ने केंद्र से उत्तरी पूर्वी राज्यों की तर्ज पर 75:25 के आधार की तर्ज पर ई पीडीएस के लिए राशि जारी करने की मांग भी की। उन्होंने कहा इसके लिए केंद्र ने 20.37 करोड़ की राशि जारी करने पर सहमति जताई थी जिसमें से अभी तक 6.11 करोड़ ही हासिल हुए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि वह नेशनल कंसल्टेशन कमेटी की अगली बैठक श्रीनगर में करवाएं।
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नई दिल्ली में शनिवार को सभी राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के खाद्य मंत्रियों की बैठक में राज्य के उपभोक्ता मामलों एवं जन वितरण मंत्री चौधरी जुल्फिकार अली ने केंद्र सरकार के समक्ष रियासत का पक्ष रखा।
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केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री राम विलास पासवान की अध्यक्षता में हुई बैठक में जुल्फिकार अली ने रियासती सरकार का प्रतिनिधित्व करते हुए कहा कि कहा कि एमएमएसएफईएस स्कीम लागू करने के लिए रियायत सरकार को सालाना 11.37 लाख मीट्रिक टन राशन को खरीदना पड़ेगा।
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इसके लिए 1367 करोड़ की राशि की जरूरत पड़ेगी। जन वितरण प्रणाली से राशन जारी करने पर 1030 करोड़ की राशि सरकार को हासिल होगी और 337 करोड़ का सालाना बोझ सरकार पर पड़ेगा। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि वह 4.30 मीट्रिक टन अतिरिक्त राशन एपीएल मूल्य दर पर रियासत को जारी करने के निर्देश जारी करें।
जुल्फिकार ने केंद्र से उत्तरी पूर्वी राज्यों की तर्ज पर 75:25 के आधार की तर्ज पर ई पीडीएस के लिए राशि जारी करने की मांग भी की। उन्होंने कहा इसके लिए केंद्र ने 20.37 करोड़ की राशि जारी करने पर सहमति जताई थी जिसमें से अभी तक 6.11 करोड़ ही हासिल हुए हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से अपील की कि वह नेशनल कंसल्टेशन कमेटी की अगली बैठक श्रीनगर में करवाएं।