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आईबी के 350 गांवों को मिलेगा आरक्षण, एसएसी ने आरक्षण अधिनियम में संशोधन को मंजूरी दी
Fri, 22 Feb 2019 02:29 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Fri, 22 Feb 2019 02:29 PM IST
सार
- नौकरी के साथ ही प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों में लागू होगा
- तीन लाख आबादी को लाभ मिलेगा
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गवर्नर सत्यपाल मलिक
- फोटो : फाइल
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विस्तार
जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय सीमा (आईबी) पर रहने वाले 350 गांवों के लोगों को भी अब एलओसी की तर्ज पर आरक्षण का लाभ मिलेगा। इस सुविधा से लगभग तीन लाख आबादी को लाभ पहुंचेगा। इन गांवों की सूची बाद में जारी की जाएगी। राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अध्यक्षता में राज्य प्रशासनिक परिषद (एसएसी) की हुई बैठक में जम्मू-कश्मीर आरक्षण अधिनियम, 2014 में संशोधन को मंजूरी दी गई।
यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को उनके सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक विकास में मदद करेगा। इस संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों का परीक्षण किया गया। यह महसूस किया गया कि आईबी से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति वैसे ही हैं जैसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एएलसी) से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति हैं।
सामाजिक पिछड़ेपन के चलते इन्हें एएलसी से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों के बराबर आरक्षण के दायरे में शामिल किए जाने की पात्रता है। हालांकि, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के अनुसार आईबी से 6 किलोमीटर के भीतर आने वाले क्षेत्रों को आरक्षण में कवर किया जाएगा।
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मौजूदा आरक्षण नियमों के अनुसार सीधी भर्ती में एलओसी पर रहने वाले लोगों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण है। एएलसी पर रहने वाले लोगों के लिए 3 प्रतिशत का आरक्षण भी प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध है। इस संशोधन के साथ एएलसी और आईबी को सीधी भर्ती में और पदोन्नति में आरक्षण प्राप्त करने के उद्देश्यों के लिए एक श्रेणी माना जाएगा। इससे आईबी से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी संख्या में अन्य श्रेणियों की तरह आरक्षण का लाभ मिलेगा।
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यह संशोधन अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की लंबे समय से चली आ रही मांग को उनके सामाजिक-आर्थिक और शैक्षिक विकास में मदद करेगा। इस संबंध में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों का परीक्षण किया गया। यह महसूस किया गया कि आईबी से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति वैसे ही हैं जैसे वास्तविक नियंत्रण रेखा (एएलसी) से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्ति हैं।
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सामाजिक पिछड़ेपन के चलते इन्हें एएलसी से सटे क्षेत्रों में रहने वाले व्यक्तियों के बराबर आरक्षण के दायरे में शामिल किए जाने की पात्रता है। हालांकि, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के अनुसार आईबी से 6 किलोमीटर के भीतर आने वाले क्षेत्रों को आरक्षण में कवर किया जाएगा।
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मौजूदा आरक्षण नियमों के अनुसार सीधी भर्ती में एलओसी पर रहने वाले लोगों के लिए 3 प्रतिशत आरक्षण है। एएलसी पर रहने वाले लोगों के लिए 3 प्रतिशत का आरक्षण भी प्रोफेशनल शिक्षण संस्थानों में उपलब्ध है। इस संशोधन के साथ एएलसी और आईबी को सीधी भर्ती में और पदोन्नति में आरक्षण प्राप्त करने के उद्देश्यों के लिए एक श्रेणी माना जाएगा। इससे आईबी से सटे इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी संख्या में अन्य श्रेणियों की तरह आरक्षण का लाभ मिलेगा।
प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के पास भेजा जाएगा
एसएसी द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी के बाद समाज कल्याण विभाग अध्यादेश की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। सक्षम प्राधिकारी की ओर से प्रस्ताव को संशोधन के लिए भेजा जाएगा।
अन्य फैसले
एसएसी द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी के बाद समाज कल्याण विभाग अध्यादेश की प्रक्रिया के लिए केंद्र सरकार, गृह मंत्रालय को भेजा जाएगा। सक्षम प्राधिकारी की ओर से प्रस्ताव को संशोधन के लिए भेजा जाएगा।
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