बाढ़ ग्रस्त इलाकों के लिए 35 करोड़ रुपये जारी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने खराब मौसम के चलते हुई तबाही को देखते हुए बचाव कार्य तेजी के साथ हो और लोगों को परेशानियों से जल्द से जल्द निकालने के लिए उचित संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सके, इसके 35 करोड़ रुपये जारी किए है।
इनमें से कश्मीर में बचाव कार्य के लिए के लिए 25 करोड़ रुपये और जम्मू संभाग के लिए 10 करोड़ रुपये जारी किए हैं। मुख्यमंत्री ने इसके साथ ही प्रशासनिक अमले और मदद एजेंसियों को फंसे लोगों को मुश्किलों से बाहर निकालने के लिए तेजी से काम करने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने कहा कि मिनिस्ट्री आफ होम अफेयर की ओर से एनडीआरएफ की टीमों को पहले ही भेजा जा चुका है। उन्होंने बडगाम के लड्डन इलाके में 16 लोगों को सुरक्षित निकाल लेने की जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि बाढ़ से बने हालात में पल-पल की जानकारी के लिए सरकार की ओर से तीन ज्वाइंट कंट्रोल रूम (जेसीआर) बनाए जाएंगे।
जोकि साउथ कश्मीर, सेंट्रल कश्मीर और नार्थ कश्मीर में होगा। उनका संपर्क लगातार सिविल प्रशासन, पुलिस और सेना के लोगों के साथ होगा। ताकि सारी स्थिति की रिपोर्ट बताकर हालात को काबू करने के लिए समय रहते इंतजाम किए जा सके। घाटी के बहुत सारे हिस्सों में बोट उपलब्ध करवाई गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की ओर से किसी भी प्रकार की कोताही नहीं बरतने दी जाएगी। इस मौके पर मंत्री सुखनंदन कुमार, सईद अलताफ बुखारी, अशरफ मीर, आसिया नकाश सहित अन्य उपस्थित थे।
बाढ़ से 5611 करोड़ का नुकसान
बागवानी, हज और औकाफ मंत्री अब्दुल रहमान वीरी ने सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक सईद फारूक अहमद अंद्राबी के सवाल के जवाब में कहा कि सितंबर 2014 के बाढ़ में बागवानी क्षेत्र को 5611.65 करोड़ का नुकसान हुआ और 6.48 लाख हेक्टेयर भूमि पर फसलें और फलों की खेती प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि रियासत सरकार ने कहा कि कुल नुकसान की आधी 2806 करोड़ की राशि के पैकेज की केंद्र सरकार से सिफारिश की गई है। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री हसीब द्राबू ने बजट 2015-16 में किसान क्रेडिट कार्ड लोन धारकों की पचास फीसदी राशि को माफ किया है और इसके लिए 150 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान रखा है।
चिनाब घाटी में पहाड़ कमजोर: उपमुख्यमंत्री
विधान परिषद में प्रश्नकाल के दौरान पीडीपी सदस्य फिरदोस अहमद टाक के सवाल के जवाब में कहा कि चिनाब घाटी, जिसमें पुराना डोडा जिले का इलाका भी कहा जाता हैं में मिट्टी और पहाड़ कमजोर हैं।
उन्होंने कहा कि चिनाब घाटी में पन बिजली परियोजनाओं के दौरान आसपास के गांवों का धंसना चिंता का विषय है और सरकार इस मामले में सभी जरूरी कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा कि रियासत में सरकार ने 12 और 13वीं योजना में 9000 मेगावाट पन बिजली उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है।