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विस्थापित कश्मीरी पंडितों को 321 करोड़ की सहायता
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
Updated Sat, 28 May 2016 11:44 PM IST
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जम्मू-कश्मीर विधानसभा
- फोटो : Amar Ujala
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जम्मू में रहने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडितों को पिछले दो सालों में 321.94 करोड़ रुपये की नकद सहायता राशि वितरित की गई है। इसके साथ ही 18.76 करोड़ रुपये का राशन दिया गया है। यह जानकारी राज्य सरकार ने शनिवार को सदन में दी।
विधायक इंजीनियर रशीद के सवाल के जवाब में राहत एवं पुनर्वास मंत्री सैय्यद बशारत बुखारी ने बताया कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों को प्रति व्यक्ति प्रति महीने 2500 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि दस हजार रुपये प्रति परिवार अधिकतम है।
इसके साथ ही नौ किलो चावल, दो किलो आटा प्रति व्यक्ति प्रति महीने और एक किलो चीनी प्रति परिवार प्रति महीने दी जाती है। मार्च 2014 से अप्रैल 2016 तक 321.94 करोड़ रुपये बांटे गए हैं। मार्च 2014 से देश के अन्य हिस्से में रहने वाले विस्थापितों को किसी प्रकार की सहायता नहीं दी गई है।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत ट्रांजिट कालोनी का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही घर बनाने के लिए 7.50 लाख की सहायता दी जाएगी। छह हजार सरकारी नौकरियां और नौ हजार अतिरिक्त जॉब की व्यवस्था की जाएगी। कृषि के लिए एकमुश्त ग्रांट, छात्रों के लिए स्कालरशिप का प्रावधान है।
मंत्री ने बताया कि घाटी में 6000 अतिरिक्त ट्रांजिट आवास बनाने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। दो परिवार घाटी में अपने पैतृक आवास लौट चुके हैं। साढ़े 12 लाख की राशि घर बनाने के लिए उन्हें दी गई है।
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विधायक इंजीनियर रशीद के सवाल के जवाब में राहत एवं पुनर्वास मंत्री सैय्यद बशारत बुखारी ने बताया कि विस्थापित कश्मीरी पंडितों को प्रति व्यक्ति प्रति महीने 2500 रुपये की सहायता दी जाती है। यह राशि दस हजार रुपये प्रति परिवार अधिकतम है।
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इसके साथ ही नौ किलो चावल, दो किलो आटा प्रति व्यक्ति प्रति महीने और एक किलो चीनी प्रति परिवार प्रति महीने दी जाती है। मार्च 2014 से अप्रैल 2016 तक 321.94 करोड़ रुपये बांटे गए हैं। मार्च 2014 से देश के अन्य हिस्से में रहने वाले विस्थापितों को किसी प्रकार की सहायता नहीं दी गई है।
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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री पैकेज के तहत ट्रांजिट कालोनी का निर्माण कराया जाएगा। इसके साथ ही घर बनाने के लिए 7.50 लाख की सहायता दी जाएगी। छह हजार सरकारी नौकरियां और नौ हजार अतिरिक्त जॉब की व्यवस्था की जाएगी। कृषि के लिए एकमुश्त ग्रांट, छात्रों के लिए स्कालरशिप का प्रावधान है।
मंत्री ने बताया कि घाटी में 6000 अतिरिक्त ट्रांजिट आवास बनाने की केंद्र सरकार ने मंजूरी दी है। दो परिवार घाटी में अपने पैतृक आवास लौट चुके हैं। साढ़े 12 लाख की राशि घर बनाने के लिए उन्हें दी गई है।