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आरईटी शिक्षकों ने मनाया ब्लैक डे
Updated Thu, 06 Sep 2018 01:20 AM IST
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उधमपुर। सातवें वेतन आयोग का लाभ प्रदान करने, वेतन डी-लिंक करने व अन्य कई लंबित मांगों को पूरा करने की मांग को लेकर आरईटी शिक्षकों ने बुधवार को शिक्षक दिवस को ब्लैक डे के रूप में मनाया। आरईटी शिक्षकों ने अपने स्कूलों में दिन भर सर पर काली पट्टियां बांध कर रोष प्रकट किया। आरईटी शिक्षकों का कहना है कि सरकार की गलत नीतियों के कारण ही आरईटी शिक्षक दिवस को ब्लैक डे के रूप में मनाने को मजबूर हुए हैं।
सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षक स्कूलों में तो पहुंचे, लेकिन किसी ने भी पढ़ाने का काम नहीं किया। सभी ने सर पर काली पट्टियां बांध कर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। जम्मू एंड कश्मीर आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य उपाध्यक्ष भुपेंद्र सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लागू किए एक वर्ष से अधिक समय हो गया, लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का अभी तक लाभ नहीं दिया गया है। हजारों आरईटी शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कई महीनों से आरईटी शिक्षक सातवें वेतन आयोग के लाभ की मांग को शिक्षा विभाग और सचिवालय के अधिकारियों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन कोई भी मांग को पूरा नहीं कर रहा है। इसके अलावा वेतन को डी-लिंक करने की मांग को भी किसी ने पूरा नहीं किया है। लंबित मांगें पूरी करवाने के लिए आरईटी शिक्षक वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई भी मांगों को गंभीरता से लेकर कुुछ नहीं कर रहा है। पिछले कुुछ दिनों से आरईटी शिक्षक मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उनकी परेशानी को दूर नहीं किया है।
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सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षक स्कूलों में तो पहुंचे, लेकिन किसी ने भी पढ़ाने का काम नहीं किया। सभी ने सर पर काली पट्टियां बांध कर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधा। जम्मू एंड कश्मीर आरईटी टीचर्स फोरम के राज्य उपाध्यक्ष भुपेंद्र सिंह ने कहा कि सातवें वेतन आयोग को लागू किए एक वर्ष से अधिक समय हो गया, लेकिन सर्व शिक्षा अभियान के तहत नियुक्त आरईटी शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग का अभी तक लाभ नहीं दिया गया है। हजारों आरईटी शिक्षकों के साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। कई महीनों से आरईटी शिक्षक सातवें वेतन आयोग के लाभ की मांग को शिक्षा विभाग और सचिवालय के अधिकारियों के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन कोई भी मांग को पूरा नहीं कर रहा है। इसके अलावा वेतन को डी-लिंक करने की मांग को भी किसी ने पूरा नहीं किया है। लंबित मांगें पूरी करवाने के लिए आरईटी शिक्षक वर्षों से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन कोई भी मांगों को गंभीरता से लेकर कुुछ नहीं कर रहा है। पिछले कुुछ दिनों से आरईटी शिक्षक मांगों को लेकर लगातार आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद सरकार ने उनकी परेशानी को दूर नहीं किया है।
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