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जिला प्रशासन की 66 कार्यालयों में छापेमारी
Updated Tue, 22 May 2018 02:28 PM IST
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राजोरी। जिले में आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने और स्वास्थ्य विभाग के सरकारी कर्मियों की हाजिरी की जांच करने के मकसद से जिला प्रशासन ने मंगलवार को एक साथ करीब 66 कार्यालय और स्वास्थ्य संस्थानों में औचक छापेमारी की। इनकी हालत देखकर टीम में शामिल अधिकारी भी दंग रह गए।
जिला अधिकारियों और वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीमों ने मंगलवार को जिले के 66 कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में औचक छापेमारी की। इस दौरान पाया गया कि इन संस्थानों में तैनात 952 अधिकारियों और कर्मियों में से केवल 560 उपस्थित हैं, जबकि 249 ड्यूटी से नदारद रहे, और 68 छुट्टी पर थे, जबकि 76 या तो रोस्टर ड्यूटी पर थे या फिर फील्ड ड्यूटी पर प्रतिनियुक्ति किए पाए गए।
डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी की प्रत्यक्ष और करीबी पर्यवेक्षण में एडीडीसी, एडीसी, विभिन्न सरकारी विभागों के जिला अधिकारी, तहसीलदार, ब्लॉक विकास अधिकारी क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीमों ने कुछ दूरस्थ स्थानों को छोड़ अन्य सभी केंद्रों व कार्यालयों में मात्र एक घंटे के भीतर अधिकांश कार्यालयों संस्थानों में औचक छापेमारी की प्रक्रिया पूरी कर दी।
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इस दौरान विशेष टीमों ने एक साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के 3 कार्यालय, 08 उप जिला अस्पताल एवं सीएचसी, 22 प्राइमरी हेल्थ सेंटर, एक अर्बन हेल्थ यूनिट, 28 न्यू टाइप पीएचसी (एनटीपीएचसी), 14 आईएसएम डिस्पेंसरी में औचक छापेमारी की। इस दौरान विशेष टीमों ने पाया कि सीएमओ कार्यालय में 29 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित थे। डिप्टी सीएमओ कार्यालय में 12, जिला टीबी कार्यालय में 06, जिला अस्पताल में 15, उप जिला अस्पतालों एवं सीएचसी में 52, पीएचसी में 100 और एनटीपीएचसी व आईएसएम डिस्पेंसरी में 35 स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
डीसी ने इतने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अक्षमता और कमजोर नियंत्रण के लिए अपनी स्थिति की व्याख्या करने के लिए ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों, कार्यालयों के प्रमुख और ड्राइंग और वितरण अधिकारियों को शो कॉज नोटिस जारी कर दिया है। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के नियंत्रण अधिकारियों और औचक छापेमारी के दौरान गैर हाजिर पाए गए स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों के वेतन पर भी रोक लगा दी है। इतना ही नहीं गैर हाजिर सभी कर्मियों व अधिकारियों को 20 मई को एडीसी के समक्ष पेश होकर एडीसी द्वारा की जाने वाली पूछताछ में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन ने हाल ही में ड्राइंग और वितरण अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा था कि वह स्वास्थ्य केंद्रों और कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण करें, लेकिन कड़े निर्देश जारी करने के बाद भी ड्राइंग और वितरण अधिकारियों ने कहीं कोई नियमित निरीक्षण नहीं किया।
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जिला अधिकारियों और वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी की अध्यक्षता में गठित टीमों ने मंगलवार को जिले के 66 कार्यालयों और स्वास्थ्य संस्थानों में औचक छापेमारी की। इस दौरान पाया गया कि इन संस्थानों में तैनात 952 अधिकारियों और कर्मियों में से केवल 560 उपस्थित हैं, जबकि 249 ड्यूटी से नदारद रहे, और 68 छुट्टी पर थे, जबकि 76 या तो रोस्टर ड्यूटी पर थे या फिर फील्ड ड्यूटी पर प्रतिनियुक्ति किए पाए गए।
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डीसी डॉ. शाहिद इकबाल चौधरी की प्रत्यक्ष और करीबी पर्यवेक्षण में एडीडीसी, एडीसी, विभिन्न सरकारी विभागों के जिला अधिकारी, तहसीलदार, ब्लॉक विकास अधिकारी क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की विशेष टीमों ने कुछ दूरस्थ स्थानों को छोड़ अन्य सभी केंद्रों व कार्यालयों में मात्र एक घंटे के भीतर अधिकांश कार्यालयों संस्थानों में औचक छापेमारी की प्रक्रिया पूरी कर दी।
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इस दौरान विशेष टीमों ने एक साथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्वास्थ्य विभाग के 3 कार्यालय, 08 उप जिला अस्पताल एवं सीएचसी, 22 प्राइमरी हेल्थ सेंटर, एक अर्बन हेल्थ यूनिट, 28 न्यू टाइप पीएचसी (एनटीपीएचसी), 14 आईएसएम डिस्पेंसरी में औचक छापेमारी की। इस दौरान विशेष टीमों ने पाया कि सीएमओ कार्यालय में 29 अधिकारी व कर्मचारी अनुपस्थित थे। डिप्टी सीएमओ कार्यालय में 12, जिला टीबी कार्यालय में 06, जिला अस्पताल में 15, उप जिला अस्पतालों एवं सीएचसी में 52, पीएचसी में 100 और एनटीपीएचसी व आईएसएम डिस्पेंसरी में 35 स्वास्थ्य कर्मचारी ड्यूटी से नदारद पाए गए।
डीसी ने इतने बड़े पैमाने पर स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही का कड़ा संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक अक्षमता और कमजोर नियंत्रण के लिए अपनी स्थिति की व्याख्या करने के लिए ब्लॉक मेडिकल अधिकारियों, कार्यालयों के प्रमुख और ड्राइंग और वितरण अधिकारियों को शो कॉज नोटिस जारी कर दिया है। विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों के नियंत्रण अधिकारियों और औचक छापेमारी के दौरान गैर हाजिर पाए गए स्वास्थ्य कर्मियों एवं अधिकारियों के वेतन पर भी रोक लगा दी है। इतना ही नहीं गैर हाजिर सभी कर्मियों व अधिकारियों को 20 मई को एडीसी के समक्ष पेश होकर एडीसी द्वारा की जाने वाली पूछताछ में हाजिर होने के निर्देश दिए हैं।
डीसी ने बताया कि जिला प्रशासन ने हाल ही में ड्राइंग और वितरण अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा था कि वह स्वास्थ्य केंद्रों और कार्यालयों में उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए नियमित निरीक्षण करें, लेकिन कड़े निर्देश जारी करने के बाद भी ड्राइंग और वितरण अधिकारियों ने कहीं कोई नियमित निरीक्षण नहीं किया।