माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार उछाल

amarujala.com- Presented by: चंद्रा पाण्डेय Updated Sun, 01 Oct 2017 12:07 AM IST
30 thousends pillgrims visit mata vaishno devi katra
छुट्टियों के चलते धर्मनगरी में मां भगवती के दरबार में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा देखने को मिल रहा है। बाजार में भारी चहल-पहल देखने को मिल रही है। शारदीय नवरात्र के साथ ही तीन-चार छुट्टियां आने से शनिवार को यात्रा पर्ची कक्ष में लंबी कतार देखने को मिली।

यात्रा में बढ़ोतरी के चलते कसबे के कारोबारियों में खुशी की लहर है। शनिवार की सुबह से शाम तक बाण गंगा चकिंग बूथ व पंजीकरण कक्ष में लंबी कतार देखने को मिली। श्राइन बोर्ड द्वारा बायोमीट्रिक पर्ची के चलते हर यात्री के लिए काउंटर पर जाना अनिवार्य है।

पंजीकरण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को 35 हजार के करीब यात्रियों ने माता के दर्शन के लिए अपना पंजीकरण करवाया था। शनिवार को दोपहर दो बजे तक 30 हजार यात्रियों पंजीकरण करवा चुके थे, हालांकि यात्रा पर्ची कक्ष बंद होने में अभी काफी समय शेष था।

अनुमान लगाया जा रहा है कि माता वैष्णो देवी के दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या दशहरे वाले दिन 50 हजार का आंकड़ा पार कर जाएगी।

Spotlight

Most Read

Shimla

कांग्रेस के ये तीन नेता अब नहीं लड़ेंगे चुनाव, चुनावी राजनीति से लिया संन्यास

पूर्व मंत्री एवं सांसद चंद्र कुमार, पूर्व विधायक हरभजन सिंह भज्जी और धर्मवीर धामी ने चुनाव लड़ने की सियासत को बाय-बाय कर दिया है।

17 जनवरी 2018

Related Videos

VIDEO: LoC से वापस आई पुंछ - रावलकोट के बीच चलने वाली बस

पुछ को पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर के रावलकोट से जोड़ने वाली बस को एक बार फिर रोक दिया गया। ये बस सोमवार को पुंछ से रावलकोट जाने के लिए चली, लेकिन एलओसी पर पाकिस्तान द्वारा की जा रही क्रास बार्डर फायरिंग के मद्देनजर इसे वापस भेज दिया गया।

17 जनवरी 2018

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper