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कोर्ट में स्टाफ, वेतन पर दस दिन में निर्णय लेने का आदेश
Updated Wed, 21 Nov 2018 11:51 AM IST
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जम्मू। हाईकोर्ट ने कोर्ट कर्मचारियों के वेतन संबंधी मामलों पर वित्त विभाग को दस दिन के भीतर फैसला लेने के लिए कहा है। यदि ऐसा नहीं होता, तो वित्त आयुक्त अगली सुनवाई पर कोर्ट में पेश हों। हाईकोर्ट में स्टाफ की कमी को पूरा करने का मामला भी उठाया गया। दोनों ही मुद्दों पर वित्त विभाग को अमल करने के लिए कहा गया है।
कोर्ट के पीठ सचिव जोगिंदर सिंह की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर कर सभी कोर्ट में स्टाफ की कमी, अधिकारियों और कर्मियों की वेतन विसंगतियों और प्रमोशन के मामले को उठाया गया। मंगलवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और अपना पहली सुनवाई करने वाले जस्टिस राजेश बिंदल वाली खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। खंडपीठ ने महसूस किया कि 2017 के से यह समस्या चली आ रही है, लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया गया है। सरकार अगले दस दिन के भीतर इस पर फैसला ले, नहीं तो अगली तारीख पर खुद कोर्ट में पेश हों। कोर्ट ने यह भी महसूस किया है कि कोर्ट ने इसे लेकर पूर्व में जो भी निर्णय लिए। उस पर संबंधित विभाग ने कोई अमल नहीं किया। जेएनएफ
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कोर्ट के पीठ सचिव जोगिंदर सिंह की तरफ से कोर्ट में याचिका दायर कर सभी कोर्ट में स्टाफ की कमी, अधिकारियों और कर्मियों की वेतन विसंगतियों और प्रमोशन के मामले को उठाया गया। मंगलवार को चीफ जस्टिस गीता मित्तल और अपना पहली सुनवाई करने वाले जस्टिस राजेश बिंदल वाली खंडपीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। खंडपीठ ने महसूस किया कि 2017 के से यह समस्या चली आ रही है, लेकिन इसको गंभीरता से नहीं लिया गया है। सरकार अगले दस दिन के भीतर इस पर फैसला ले, नहीं तो अगली तारीख पर खुद कोर्ट में पेश हों। कोर्ट ने यह भी महसूस किया है कि कोर्ट ने इसे लेकर पूर्व में जो भी निर्णय लिए। उस पर संबंधित विभाग ने कोई अमल नहीं किया। जेएनएफ
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