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जीएमसी की प्रिंसिपल एवं अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश
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जम्मू। कोर्ट ने जीएमसी जम्मू की प्रिंसिपल सुनंदा रैना एवं फार्माकोेलोजी विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. विशाल टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश एसएसपी को दिया है। यह आदेश चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट जम्मू अश्विनी शर्मा ने बुधवार को एक याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
डॉ. भावना साहनी की याचिका पर उनके वकीलों विवेक शर्मा और अमित कुमार ने कोर्ट को बताया कि 10 अप्रैल 2017 को एसोसिएट प्रोफेसर (अकेडमिक अरेंजमेंट बेसिस) के लिए विज्ञापन आया था। जीएमसी के जारी आदेश के मुताबिक इस पद के लिए आवेदन करने के लिए दो साल असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव होना आवश्यक था। डॉ. साहनी ने इस पद के लिए आवेदन किया, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया गया। उसे बताया गया कि वह इस पद के लिए योग्य नहीं हैं। इसलिए इंटरव्यू नहीं लिया गया। अपीलकर्ता के पति ने पब्लिक इंफार्मेशन आफिसर से इसकी जानकारी भी मांगी, लेकिन जानकारी नहीं दी गई। फिर उसने दूसरी अपील भी की और फिर से जानकारी मांगी। दूसरी जानकारी में बताया गया कि डॉ. भावना साहनी सेलेक्ट हो गई थी, लेकिन उसको दिए गए अवार्ड रोल के अंकों को टैंपर किया गया। यह भी बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी क्राइम ब्रांच के पास भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जज ने कहा कि यह एक संगीन अपराध है। इसलिए जम्मू के एसएसपी को आदेश दिया कि वह प्रिंसिपल एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज करें।
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डॉ. भावना साहनी की याचिका पर उनके वकीलों विवेक शर्मा और अमित कुमार ने कोर्ट को बताया कि 10 अप्रैल 2017 को एसोसिएट प्रोफेसर (अकेडमिक अरेंजमेंट बेसिस) के लिए विज्ञापन आया था। जीएमसी के जारी आदेश के मुताबिक इस पद के लिए आवेदन करने के लिए दो साल असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव होना आवश्यक था। डॉ. साहनी ने इस पद के लिए आवेदन किया, लेकिन परिणाम घोषित नहीं किया गया। उसे बताया गया कि वह इस पद के लिए योग्य नहीं हैं। इसलिए इंटरव्यू नहीं लिया गया। अपीलकर्ता के पति ने पब्लिक इंफार्मेशन आफिसर से इसकी जानकारी भी मांगी, लेकिन जानकारी नहीं दी गई। फिर उसने दूसरी अपील भी की और फिर से जानकारी मांगी। दूसरी जानकारी में बताया गया कि डॉ. भावना साहनी सेलेक्ट हो गई थी, लेकिन उसको दिए गए अवार्ड रोल के अंकों को टैंपर किया गया। यह भी बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत एसएसपी क्राइम ब्रांच के पास भी की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। जज ने कहा कि यह एक संगीन अपराध है। इसलिए जम्मू के एसएसपी को आदेश दिया कि वह प्रिंसिपल एवं अन्य के खिलाफ केस दर्ज करें।
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