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रामनगर-घोरडी मार्ग पर हुआ भूस् खलन
Updated Thu, 12 Apr 2018 11:53 PM IST
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उधमपुर। रामनगर-घोरडी मार्ग केे बीच सेरवाला गांव में बुधवार रात को तेज बारिश के दौरान सड़क भूस्खलन का शिकार हो गई। सड़क का बड़ा हिस्सा मलबे के रूप में सीधे दस से ज्यादा घरों पर जाकर गिरा। इससे ग्रामीणों का बहुत ज्यादा नुकसान हुआ है। ग्रामीणों ने पूरी रात बाहर गुजारी है। ग्रामीण अब प्रशासन और सरकार से मुआवजे की मांग कर रहे हैं।
देस राज, राज कुमार, विजय कुमार, बाबू राम और अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे अचानक तेज बारिश शुरू हुई। उसके बाद देखते ही देखते ही सड़क का बड़ा हिस्सा भूस्खलन का शिकार होकर सीधे ही गांव की तरफ आया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले गया। कई घरों को नुकसान पहुंचा। कई घरों में कीचड़ और मलबा पहुंच गया। ग्रामीण डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने अपने घर से कीमती सामान बाहर निकाल दिया। पूरी रात खुले में ही गुजारीं। सुबह जब हालात को देखा तो हैरान रह गए। सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। उसका बड़ा हिस्सा उनके मलबे के रूप में घरों के ऊपर था। ग्रामीणों का हजारों का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना था कि यह प्रशासन और पीएमजीएसवाई की लापरवाही के कारण हुआ है। अगर सड़क पर प्रोटेक्शन वाल बनाई होती तो स्थिति ऐसी नहीं होती। उनकी मांग है कि प्रशासन और सरकार उनके नुकसान की भरपाई करे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मजबूरन शहर पहुंच कर प्रदर्शन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय पर घरों से बाहर निकलते तो जान का भी नुकसान हो सकता था।
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देस राज, राज कुमार, विजय कुमार, बाबू राम और अन्य कई ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार रात करीब नौ बजे अचानक तेज बारिश शुरू हुई। उसके बाद देखते ही देखते ही सड़क का बड़ा हिस्सा भूस्खलन का शिकार होकर सीधे ही गांव की तरफ आया और कई मकानों को अपनी चपेट में ले गया। कई घरों को नुकसान पहुंचा। कई घरों में कीचड़ और मलबा पहुंच गया। ग्रामीण डर के मारे घरों से बाहर निकल आए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कुछ लोगों ने अपने घर से कीमती सामान बाहर निकाल दिया। पूरी रात खुले में ही गुजारीं। सुबह जब हालात को देखा तो हैरान रह गए। सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। उसका बड़ा हिस्सा उनके मलबे के रूप में घरों के ऊपर था। ग्रामीणों का हजारों का नुकसान हुआ है। ग्रामीणों का कहना था कि यह प्रशासन और पीएमजीएसवाई की लापरवाही के कारण हुआ है। अगर सड़क पर प्रोटेक्शन वाल बनाई होती तो स्थिति ऐसी नहीं होती। उनकी मांग है कि प्रशासन और सरकार उनके नुकसान की भरपाई करे। अगर ऐसा नहीं हुआ तो मजबूरन शहर पहुंच कर प्रदर्शन करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने बताया कि अगर समय पर घरों से बाहर निकलते तो जान का भी नुकसान हो सकता था।
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