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खुलासा: कश्मीर घाटी में अभी भी 200 आतंकी सक्रिय

Fri, 01 Apr 2016 08:12 PM IST
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर
अमृतपाल सिंह बाली, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Fri, 01 Apr 2016 08:12 PM IST
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200 militants were still active in the Kashmir Valley
आतंकवादी - फोटो : FILE
कश्मीर घाटी में तैनात 15 कोर के सेना कमांडर ने शुक्रवार को कहा कि घाटी में मौजूद आतंकियों के मनोबल में कमी आई है। लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने बताया कि सेना के लिए किसी एक विशेष आतंकी को मार गिराना महत्व नहीं रखता, क्योंकि हमारा उद्देश्य सभी आतंकियों को मारकर आतंकवाद को जड़ से मिटाना है।
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हम उनके खिलाफ इंटेलिजेंस इनपुट इकट्ठा करते रहते हैं। इस कार्य को अंजाम देने के लिए सभी सुरक्षा एजेंसियां तालमेल से कार्य कर रहीं। वर्तमान में करीब 200 आतंकी सक्रिय हैं। हालांकि उनका मनोबल काफी नीचे है। क्योंकि, इनके टॉप कमांडर मारे जा चुके हैं। उनके पास कई चीजों का अभाव भी है।
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घुसपैठ की कोशिशों पर कहा कि जैसे-जैसे बर्फ पिघलना शुरू होगी, घुसपैठ की कोशिशों में बढ़ोतरी होने की आशंका है। हालांकि सेना हर स्थिति का सामना करने के लिए तैयार है। लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर में सेना की तैनाती काफी है। ट्रेनिंग के लिए फायरिंग रेंज की जरूरत पड़ती है। तोस मैदान की यहां के अवाम को जरूरत थी। इस फायरिंग रेंज को साफ कर अवाम को सौंप दिया है। दुआ ने कहा कि हमें  एक फायरिंग रेंज की आवश्यकता है। तीनो संभाग में सिविल एडमिनिस्ट्रेशन देख रही है कि वह हमें रेंज कहां मुहैया करवा सकती है।
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युवाओं का आतंकवाद में शामिल होना दुखद

200 militants were still active in the Kashmir Valley
लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ - फोटो : फाइल
सेना की उपलब्धियों पर उन्होंने कहा कि कश्मीर में दूर दराज के इलाकों में सेना तैनात है, जहां नागरिक प्रशासन के भी प्रतिनिधि नहीं होते। दुआ ने कहा कि सेना के पास नवीनतम उपकरण, प्रशिक्षण और  विशेषज्ञता है।

इसलिए हमने हमेशा अवाम की हर प्रकार की मदद की है। हाल ही में सीमांत जिला कुपवाड़ा के तंगधार के करीब नस्ता छुन पास पर अलग-अलग हिमस्खलन की दो घटनाओं में 100 से अधिक सहनीय लोगों को रेस्क्यू किया है।

करीब ढाई महीने पूर्व भी सेना द्वारा दो बच्चों को हिमस्खलन में बचाया था, जो बर्फ तले दब गए थे। उन्होंने कहा कि सेना का हमेशा लक्ष्य रहता है अवाम की सहायता करना। और ऐसे कार्यों में विशेषज्ञता प्राप्त करने के लिए सेना के पास विश्व स्तरीय ‘हाई अल्टिट्यूड वॉरफेयर स्कूल’ है।


एक बार फिर दोहराया कि यहां पर गुमराह करने वालों की कमी नहीं है और हम उन सब बच्चों को भी कहेंगे कि सही रास्ते पर चलें, क्योंकि हमें भी दुख होता है, जब नौजवान लड़के नारे लगाते हैं, पत्थरबाजी करते हैं या फिर बंदूक उठाकर आतंकवाद में शामिल होते हैं। हमें काफी खुुशी होगी, अगर वह ठीक रास्ते पर आएं। हम उम्मीद करते हैं कि वह सेना द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ उठाएंगे।

प्लान के तहत चलते हैं हम 
चीन द्वारा सड़कों का जाल राज्य की सीमा के करीब बनाने पर जीओसी ने कहा कि उस पार एक मुख्य सड़क बन रही है, जिसके बारे में सबको जानकारी है। हमारी तरफ से नेटवर्क एक प्लान के तहत बनता है और हर साल हम अपनी सड़कों में इजाफा करते हैं। चाहे वह कारगिल हो या कश्मीर। हम उस प्लान के मुताबिक चलते जा रहे हैं।     
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