फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   200 kashmiri pandits migrated from kashmir valley

हिंसा के चलते 200 से अधिक कश्मीरी पंडितों ने छोड़ी कश्मीर घाटी

Thu, 14 Jul 2016 12:04 PM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर
ब्यूरो, अमर उजाला/श्रीनगर Updated Thu, 14 Jul 2016 12:04 PM IST
विज्ञापन
200 kashmiri pandits migrated from kashmir valley
- फोटो : PTI

कश्मीर में हिंसा तथा कालोनियों में पथराव से सहमे 200 से अधिक कश्मीरी पंडित पलायन कर जम्मू पहुंच गए हैं। प्रधानमंत्री विशेष रोजगार पैकेज के तहत नौकरियां हासिल करने वाले विस्थापित कश्मीरी पंडितों ने जम्मू लौटना शुरू कर दिया है। 

विज्ञापन


खौफजदा इन मुलाजिमों का कहना है कि अब वह घाटी वापस नहीं जाएंगे। उन्हाेंने कहा हमने फैसला कर लिया है कि अब ड्यूटी ज्वाइन करने नहीं जाएंगे। दहशत के माहौल में उन्होंने डीजीपी, सीएम कार्यालय और पीएमओ में सूचना दी लेकिन केंद्र और राज्य सरकार उन्हें सुरक्षा देने के मामले में पूरी तरह से विफल हो गई। वे वापस जाकर पत्थरबाजों की निशानेबाजी प्रैक्टिस के बुत नहीं बनना चाहते हैं। 
विज्ञापन


मुलाजिमों ने आपबीती बयान कर कहा कि छोटे बच्चों से लेकर महिलाएं उन पर पत्थर बरसा रहे हैं। उनकी दूध सहित अन्य जरूरी वस्तुओं की सप्लाई को रोक दिया गया है। वेस्सू ट्रांजिट आवास में रह रही सरकारी मुलाजिम सरिता कुमारी ने कहा कि सरकार उन्हें सुरक्षा देने में नाकाम रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

जान बचाकर जम्मू लौटने लगे कश्मीरी पंडित मुलाजिम

200 kashmiri pandits migrated from kashmir valley

कैंप पर लगातार पत्थरबाजी हो रही है और सुरक्षा के इंतजाम नदारद हैं। अश्रुधारा के साथ आपबीती बयान करते हुए सरिता ने कहा कि रात के समय माहौल खौफनाक हो जाता है। टीनएजर युवाओं के साथ महिलाएं भी पत्थर बरसा रही हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। 

शेखपोरा बडगाम ट्रांजिट आवास में रह रही वीना ने कहा कि हम कश्मीर की सेवा नहीं कर सकते। पत्थरबाजों को कैसे पढ़ाया जा सकता है। पूरे समुदाय को हमारे लिए खड़ा होना चाहिए। मुलाजिम शशि के पति चरणजीव ने कहा कि गिनती के कश्मीरी पंडितों को ही सुरक्षा नहीं दी जा रही है और सरकार सात लाख कश्मीरी पंडितों की ससम्मान वापसी की बात कर रही है। 

मट्टन ट्रांजिट आवास में कश्मीरी पंडित मुलाजिमों को ताला लगाकर आवास के भीतर रखा गया। हम बलि का बकरा नहीं बन सकते। उन्होंने कहा कि स्थानीय दुकानदारों ने पिछले कुछ दिनों से कश्मीरी पंडितों की कालोनियों को दूध सहित अन्य जरूरी सामान की सप्लाई को रोक दिया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed