सीआरपीएफ की 20 कंपनियां और भेजी गई जम्मू-कश्मीर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कश्मीर घाटी में फैले तनाव और हिंसा के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को उच्च स्तरीय बैठक कर हालात का जायजा लिया। गृहमंत्री ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और जम्मू कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला से फोन पर बात की।
हिजबुल मुजाहिदीन के कमांडर बुरहान वानी की मौत के बाद घाटी में सोमवार को लगातार तीसरे दिन तनाव बना हुआ है। घाटी के हालात पर काबू पाने और माहौल को शांत करने के मद्देनजर राजनाथ ने आला अफसरों के साथ दिल्ली में बैठक कर हर पहलू पर चर्चा की।
राज्य सरकार की अपील पर सीआरपीएफ की बीस और कंपनी केंद्र ने जम्मू कश्मीर भेजी हैं। पहले से वहां 60 कंपनी मौजूद हैं। गृहमंत्री वहां की सीएम महबूबा मुफ्ती से लगातार संपर्क में है और स्थिति की जानकारी ले रहे हैं। गृहमंत्री सीएम को जरूरत के मुताबिक केंद्रीय सहायता मुहैया कराने का भरोसा भी दे चुके हैं।
सोनिया और उमर अब्दुल्ला से राजनाथ सिंह ने की बात
कश्मीर में शांति बहाली की कोशिश में जुटी केंद्र सरकार सभी विकल्प पर काम कर रही है। राजनाथ सिंह ने सोनिया गांधी और उमर अब्दुल्ला से बात की। दरअसल, कांग्रेस और नेशनल कांफ्रेंस दोनों मिलकर वहां सरकार चला चुकी है।
गृहमंत्री की इस पहल को सरकार की तरफ से की जाने वाली कार्रवाई के बाबत विपक्ष को साथ लेकर चलने की कोशिश मना जा रहा है। केंद्र सरकार को इसमें कामयाबी भी मिलती दिख रहा है। सोनिया गांधी ने कहा है कि देश की सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर समझौता नहीं होना चाहिए।
आतंक से सख्ती से निपटा जाना चाहिए। उमर अब्दुल्ला ने भी शांति बनाने के लिए सहयोग का भरोसा गृहमंत्री को दिया और कहा कि मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को आगे आना चाहिए। मना जा रहा है कि गृहमंत्री घाटी में अमन लाने के मुद्दे पर अन्य दलों के नेताओं से भी बात करने वाले हैं।