UN कांफ्रेस में 2 लद्दाखी विशेषज्ञों ने किया था भारत का प्रतिनिधित्व
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जम्मू-कश्मीर के लद्दाख संभाग के दो जलवायु परिवर्तन विशेषज्ञों जिग्मेट तकपा और स्टेन्ज़ीन दोरजे ने हाल ही में पेरिस में जलवायु परिवर्तन पर हुए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व किया था।
तकपा लद्दाख में मुख्य वन संरक्षक और लद्दाख अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी के निदेशक हैं। वहीं गया एक फिल्मकार और हिमालयन फिल्म हाउस के निदेशक है। दोनों ही विशेषज्ञ लद्दाख क्षेत्र से आते हैं।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने दोनों विशेषज्ञों को बधाई देते हुए कहा कि 'मिट्टी के दो बेटों' का जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करना जम्मू कश्मीर के लिए एक दुर्लभ सम्मान है।
सम्मेलन में दोरजे की दो फिल्में चुनी गई
मुफ्ती ने अपने-अपने क्षेत्रों में सराहनीय काम कर रहे विशेषज्ञों की प्रशंसा करते हुए कहा कि 'वे ग्लोबल वार्मिंग और ग्रीन हाउस प्रदूषण को दूर करने की दिशा में व्यापक अनुसंधान और मीडिया आउटरीच के माध्यम से काम कर रहे हैं, यह वास्तव में सराहनीय है।
तकपा ने सम्मेलन के दौरान लद्दाख हिमालय में जलवायु परिवर्तन, शमन और अनुकूलन पर अपने काम का प्रदर्शन किया। वहीं दोरजे द्वारा बनाई गई फिल्में 'जुंगवा' और 'लाइटिंग अप हिमालया' को दुनिया भर से चुनी गई 500 फिल्मों के साथ स्क्रीनिंग के लिए चुना गया था।
जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान इस जोड़ी को एलिसी पैलेस में फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद ने दोपहर के भोजन के लिए आमंत्रित किया गया था।