भूकंप से थर्रा उठी रियासत, तीन मरे
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सोमवार की दोपहर को रियासत भी भूकंप से थर्रा उठी। रियासत के सभी इलाकों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। श्रीनगर में दो महिलाओं की हृदयाघात से मौत हो गई।
बंकर गिरने से दो जवान घायल हो गए। रियासी में पहाड़ी से गिरकर एक की मौत हो गई और एक घायल हो गया। भीमगढ़ के किले को नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही कुछ पुलों और सैकड़ों इमारतों में दरारें आई हैं।
मोबाइल सेवा भी घंटेभर से अधिक समय तक बाधित रही। जम्मू में भी धरती हिलते ही लोग घरों और दफ्तरों से निकलकर खुले में आ गए। श्रीनगर में रात तक विद्युत आपूर्ति भी बाधित रही।
घबराए हुए लोगों ने बताया कि करीब दस साल पहले आए भीषण भूकंप की याद ताजा हो गई। श्रीनगर के जहांगीर चौक के फ्लाई ओवर और सफाकदल के ब्रिज में दरारें आई हैं।
प्रशासन के मुताबिक दोनों ब्रिज सुरक्षित हैं। खान काए मौला दरगाह का गुंबद भूकंप की वजह से टेढ़ा हो गया है। दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग में एक बुजुर्ग महिला व उत्तरी कश्मीर के बारामुला में भी एक बुजुर्ग महिला की हार्ट अटैक से मौत हो गई।
दोनों महिलाएं भूकंप आने के दौरान सुरक्षित जगहों की ओर से भागने लगी। इसी दौरान हार्ट अटैक से मौत हो गई। कई इमारतों में भी दरार की खबर है। प्रशासन ने लोगों की सहायता के लिए कंट्रोल रूम स्थापित कर दिया है।
नुकसान का जायजा लेने के लिए टीमों को रवाना किया गया है। बारामुला में एक बंकर के ध्वस्त होने से दो जवान चोटिल हुए हैं। मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद भूकंप के दौरान टैगोर हाल में एक कार्यक्रम में मौजूद थे। वहां भी भूकंप से अफरा तफरी मच गई।
हार्ट अटैक से भी हुई मौत
सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। उधमपुर, रियासी, रामबन, किश्तवाड़, डोडा और भद्रवाह में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। रियासी में पहाड़ी पर घास काटने के लिए मो. अशरफ अपने पिता अहमद्दीन के साथ गया था।
इसी दौरान भूकंप आने पर दोनों पहाड़ी से गिर गए। मो. अशरफ की मौत हो गई जबकि अहमद्दीन को माहौर के पीएचसी में भर्ती कराया गया है। भीमगढ़ किले की बाहरी दीवार भरभरा कर गिर गई।
इससे पहले वर्ष 2005 में आए भूकंप में भी इस किले को काफी नुकसान हुआ था। इसके अलावा सैकड़ों मकानों की दीवारों में दरारें आ गई। राजोरी में एक व्यक्ति के घायल होने के अलावा पांच मकानों, एक दुकान व तीन पशुशालाओं को क्षति पहुंचने की खबर है।
प्रशासन भूकंप से हुए नुकसान का आंकड़ा इकट्ठा कर रहा है। सांबा और कठुआ में गोलाबारी के अलावा भूकंप के झटके से लोग दहशत में रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद से सोमवार की शाम टेलीफोन पर बात की।
उन्होंने भूकंप को लेकर राज्य में उत्पन्न स्थिति तथा नुकसान की जानकारी ली। इस दौरान मुफ्ती ने ताजा हालात की जानकारी देने के साथ ही राज्य सरकार की तैयारी के बारे में बताया।
मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद ने भूकंप के तत्काल बाद श्रीनगर में कंट्रोल रूम स्थापित करने की हिदायत दी। इसके साथ ही इससे हुए जानमाल के नुकसान की जानकारी एकत्र करने को कहा।
उन्होंने सभी डिवकाम को तत्काल राहत तथा बचाव कार्य शुरू करने को कहा। साथ ही सभी आवश्यक सेवाओं को दुरुस्त रखने को कहा। उन्होंने अस्पताल में डाक्टरों तथा दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा। स्वास्थ्य मंत्री चौधरी लाल सिंह ने भी अस्पतालों में पर्याप्त इंतजाम के निर्देश दिए।