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शहर के मौजूदा ट्रैफिक परिदृश्य पर कोर्ट में रिपोर्ट पेश करने का आदेश
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जम्मू। शहर के मौजूदा ट्रैफिक परिदृश्य से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश करने का आदेश जारी किया गया है। इसे दो हफ्तों में रिपोर्ट देने को कहा गया है। यह आदेश प्लानिंग विभाग को दिया गया है। यदि विभाग ऐसा करने में असफल होता है, तो उसे 20 हजार रुपये देने होंगे।
हाईकोर्ट में सिटीजन फोरम के प्रधान आर के चड्डा द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में जानीपुर अंबफला रोड के चौड़ीकरण और शकुंतला से जानीपुर तक फ्लाई ओवर का काम रद्द करने की बात शामिल थी। जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को इस मामले जरूरी आदेश दिए। प्लानिंग विभाग से शहर में ट्रैफिक प्रबंधन के मौजूदा परिदृश्य की जानकारी मांगी। एडवोकेट आदित्य शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 6 जून 2018 को प्लानिंग विभाग को आदेश जारी किया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। शर्मा ने मेट्रो रेल का भी हवाला दिया। कहा कि वह न्यूजपेपर में पढ़ चुके हैं। मेट्रो का काम कब शुरू होगा? इसकी लागत क्या होगी, इसके लिए कितना वक्त लगेगा, यहां तक कि मेट्रो मैन कहे जाने वाले श्रीधरण का नाम तक तय हो गया था, यह सब अखबार में पढ़ा है। इतना कुछ बता तो दिया तो स्टेटस रिपोर्ट पेश करने में क्या दिक्कत है। सरकार की तरफ से एडिशन एडवोकेट जनरल असीम साहनी ने कोर्ट से रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ वक्त मांगा है। जेएनएफ
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हाईकोर्ट में सिटीजन फोरम के प्रधान आर के चड्डा द्वारा जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में जानीपुर अंबफला रोड के चौड़ीकरण और शकुंतला से जानीपुर तक फ्लाई ओवर का काम रद्द करने की बात शामिल थी। जस्टिस धीरज सिंह ठाकुर और सिंधु शर्मा वाली खंडपीठ ने वकीलों की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को इस मामले जरूरी आदेश दिए। प्लानिंग विभाग से शहर में ट्रैफिक प्रबंधन के मौजूदा परिदृश्य की जानकारी मांगी। एडवोकेट आदित्य शर्मा ने कोर्ट को बताया कि 6 जून 2018 को प्लानिंग विभाग को आदेश जारी किया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कुछ नहीं किया गया। शर्मा ने मेट्रो रेल का भी हवाला दिया। कहा कि वह न्यूजपेपर में पढ़ चुके हैं। मेट्रो का काम कब शुरू होगा? इसकी लागत क्या होगी, इसके लिए कितना वक्त लगेगा, यहां तक कि मेट्रो मैन कहे जाने वाले श्रीधरण का नाम तक तय हो गया था, यह सब अखबार में पढ़ा है। इतना कुछ बता तो दिया तो स्टेटस रिपोर्ट पेश करने में क्या दिक्कत है। सरकार की तरफ से एडिशन एडवोकेट जनरल असीम साहनी ने कोर्ट से रिपोर्ट पेश करने के लिए कुछ वक्त मांगा है। जेएनएफ
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