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घायल को मिली बिना टायर की एंबुलेंस
Updated Sun, 14 Jan 2018 01:29 AM IST
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पुंछ। राज्य एवं केंद्र सरकार के लोगों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए कई प्रकार की योजनाएं चलाए जाने के बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। यह दावा उस समय फुस्स होते दिखाई दिए जब विस्फोट में घायल हुए किशोर को अस्पताल पहुंचाने की बात सामने आई। उसे एंबुलेंस मिली भी, लेकिन वह बिना टायरों की। इससे लोगों में स्वास्थ्य विभाग के साथ ही सरकार के खिलाफ जबरदस्त गुस्सा देखा गया।
जिले में नियंत्रण रेखा पर लगातार पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी किए जाने के बाद भी लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना तो दूर गोलाबारी में घायल होने वालों को अस्पताल पहुंचाने तक की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसका खुलासा शनिवार को जिले के शाहपुर सेक्टर के गांव इस्लामाबाद में पाक गोले के विस्फोट से एक किशोर के घायल होने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाने के दौरान हुआ। यहां के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में एंबुलेंस के लिए संपर्क करने पर उत्तर मिला कि पीएचसी बांडी चेचियां की एंबुलेंस में एक टायर ही नहीं है। इस पर पीड़ित परिवार को चंदा करके अपने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इससे यह पता चलता है कि किस प्रकार स्वास्थ्य विभाग नियंत्रण रेखा के आसपास बसे लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। विभाग की तरफ से नियंत्रण रेखा के पास बिना टायर की एंबुलेंस तैनात की गई है। जो किसी घायल या मरीज को अस्पताल पहुंचाना तो दूर अपने स्थान से हिल भी नहीं सकती है।
क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बांडी चेचियां के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर इससे पीछे के कस्बा, कीरनी, मंधार, काइयां, गूंतरियां, इलामाबाद, सरल, शाहपुर जैसे दर्जनों गांव हैं जहां पर दिन रात गोलाबारी होती रहती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता से हर कोई परेशान है। लोगों का आरोप है कि पिछले काफी समय से यह एंबुलेंस इसी प्रकार बिना टायर के खड़ी है। इतना ही नहीं क्षेत्र की पीएचसी भी दोपहर तीन बजे ही बंद हो जाती है। इसमें किसी प्रकार की कोई सुविधा तक नहीं है।
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जिले में नियंत्रण रेखा पर लगातार पाकिस्तान की तरफ से गोलाबारी किए जाने के बाद भी लोगों को चिकित्सा सुविधाएं प्रदान करना तो दूर गोलाबारी में घायल होने वालों को अस्पताल पहुंचाने तक की कोई उचित व्यवस्था नहीं है। इसका खुलासा शनिवार को जिले के शाहपुर सेक्टर के गांव इस्लामाबाद में पाक गोले के विस्फोट से एक किशोर के घायल होने के बाद उसे अस्पताल पहुंचाने के दौरान हुआ। यहां के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में एंबुलेंस के लिए संपर्क करने पर उत्तर मिला कि पीएचसी बांडी चेचियां की एंबुलेंस में एक टायर ही नहीं है। इस पर पीड़ित परिवार को चंदा करके अपने बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाना पड़ा। इससे यह पता चलता है कि किस प्रकार स्वास्थ्य विभाग नियंत्रण रेखा के आसपास बसे लोगों के जीवन से खिलवाड़ कर रहा है। विभाग की तरफ से नियंत्रण रेखा के पास बिना टायर की एंबुलेंस तैनात की गई है। जो किसी घायल या मरीज को अस्पताल पहुंचाना तो दूर अपने स्थान से हिल भी नहीं सकती है।
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क्षेत्र के लोगों का कहना है कि बांडी चेचियां के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र पर इससे पीछे के कस्बा, कीरनी, मंधार, काइयां, गूंतरियां, इलामाबाद, सरल, शाहपुर जैसे दर्जनों गांव हैं जहां पर दिन रात गोलाबारी होती रहती है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग की संवेदनहीनता से हर कोई परेशान है। लोगों का आरोप है कि पिछले काफी समय से यह एंबुलेंस इसी प्रकार बिना टायर के खड़ी है। इतना ही नहीं क्षेत्र की पीएचसी भी दोपहर तीन बजे ही बंद हो जाती है। इसमें किसी प्रकार की कोई सुविधा तक नहीं है।
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