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बसंतर पर बने बांध के मरम्मत की मांग
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सांबा। बसंतर दरिया पर बने बांध का कुछ भाग बाढ़ के पानी के साथ बह जाने से किसानों की कुछ एकड़ भूमि को नुकसान पहुंच था। अब किसानों ने मांग उठाई है कि बरसात से पहले बांध की मरम्मत कराई जाए। ताकि बाढ़ के पानी से अधिक नुकसान न उठाना पडे़।
पंगदौर की सरपंच रीना चौधरी, किसान नेता गार सिहं चौधरी, नंबरदार चतुर सिंह आदि ने बताया कि गत बरसात में बसंतर दरिया का दो सौ मीटर बांध टूट गया था, जिससे किसानों की फफल को नुकसान पहुंचा था। बाढ़ के पानी में खेत बह गए थे। इस पर तत्कालीन सिंचाई एवं बाढ नियंत्रण मंत्री को भी मौके पर पहुंचे थे। बाद में डीसी ने भी उक्त क्षेत्र का दौरा कर मौके का जायजा लिया, लेकिन किसानों की समस्या का कोई हल नहीं निकल सका था आज भी किसानों को आशंका बनी हुई है कि बरसात के दिनों में कहीं फिर से बाढ़ के पानी से भूमि को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने बताया कि गलाड, गलाड कैंप, वैन, सोरडी व रैपर गांव के किसानों को इस का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही नहीं सेना की ओर से बनाई गई डिच के टूट जाने से भी जहां सेना के एक शिविर को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। वहीं धान की फसल के समय भी खेतों मे पानी के भर जाने से किसानों का काफी नुकसान हो चुका है। अब गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका किसानों को सता रही है। स्थानीय लोगों ने राज्यपाल से गुहार लगाई है की सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की भी सुध ली जाए ताकि बरसात में उन्हें नुकसान ना उठाना पडे़।
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पंगदौर की सरपंच रीना चौधरी, किसान नेता गार सिहं चौधरी, नंबरदार चतुर सिंह आदि ने बताया कि गत बरसात में बसंतर दरिया का दो सौ मीटर बांध टूट गया था, जिससे किसानों की फफल को नुकसान पहुंचा था। बाढ़ के पानी में खेत बह गए थे। इस पर तत्कालीन सिंचाई एवं बाढ नियंत्रण मंत्री को भी मौके पर पहुंचे थे। बाद में डीसी ने भी उक्त क्षेत्र का दौरा कर मौके का जायजा लिया, लेकिन किसानों की समस्या का कोई हल नहीं निकल सका था आज भी किसानों को आशंका बनी हुई है कि बरसात के दिनों में कहीं फिर से बाढ़ के पानी से भूमि को नुकसान न पहुंचे। उन्होंने बताया कि गलाड, गलाड कैंप, वैन, सोरडी व रैपर गांव के किसानों को इस का नुकसान उठाना पड़ रहा है। यही नहीं सेना की ओर से बनाई गई डिच के टूट जाने से भी जहां सेना के एक शिविर को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। वहीं धान की फसल के समय भी खेतों मे पानी के भर जाने से किसानों का काफी नुकसान हो चुका है। अब गेहूं की फसल को नुकसान होने की आशंका किसानों को सता रही है। स्थानीय लोगों ने राज्यपाल से गुहार लगाई है की सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों की भी सुध ली जाए ताकि बरसात में उन्हें नुकसान ना उठाना पडे़।
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