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परगवाल
Updated Sun, 23 Sep 2018 01:52 AM IST
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परगवाल। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर भारत-पाकिस्तान के बीच आए दिन हो रही फायरिंग से सीमा से लगते 5 किलोमीटर के दायरे में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। सरहद पर तनाव से परगवाल के लोगों को गोलाबारी का डर सताने लगा है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार जब भी उनकी फसल तैयार होने के कगार पर होती है तभी पाकिस्तानी फायरिंग शुरू कर देते हैं। गांव जट्टे दे कोठें के किसान मदन सिंह ने कहा कि उनके लिए सरहद का तनाव किसी आपदा से कम नहीं होता है। आखिर कब तक सरहद के तनाव का लोगों की खुशियों पर बुरा असर पड़ता रहेगा। गांव दानपुर के दिलीप सिंह ने कहा कि हर छोटे अंतराल के बाद सरहद पर उत्पन्न होने वाला तनाव लोगों का सुखचैन छीन रहा है। पाक रेंजर अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। जिनसे आम जनता अपने जीवन को असुरक्षित महसूस कर रही है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इन हरकतों को सरहद पर रहने वाले लोग कब तक सहन करते रहेंगे, अब समय आ गया है पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए। ज्ञात रहे कि परगवाल कृषि क्षेत्र है, यहां के ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं। सीमा के साथ सटा होने के कारण इस समय किसान अपनी फसल जो बिल्कुल सीमा के करीब है उसकी ठीक तरह से देखभाल नहीं कर पा रहे हैं।
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स्थानीय निवासियों के अनुसार जब भी उनकी फसल तैयार होने के कगार पर होती है तभी पाकिस्तानी फायरिंग शुरू कर देते हैं। गांव जट्टे दे कोठें के किसान मदन सिंह ने कहा कि उनके लिए सरहद का तनाव किसी आपदा से कम नहीं होता है। आखिर कब तक सरहद के तनाव का लोगों की खुशियों पर बुरा असर पड़ता रहेगा। गांव दानपुर के दिलीप सिंह ने कहा कि हर छोटे अंतराल के बाद सरहद पर उत्पन्न होने वाला तनाव लोगों का सुखचैन छीन रहा है। पाक रेंजर अपनी नापाक हरकत से बाज नहीं आ रहे हैं। जिनसे आम जनता अपने जीवन को असुरक्षित महसूस कर रही है।
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उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की इन हरकतों को सरहद पर रहने वाले लोग कब तक सहन करते रहेंगे, अब समय आ गया है पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दिया जाए। ज्ञात रहे कि परगवाल कृषि क्षेत्र है, यहां के ज्यादातर लोग कृषि पर निर्भर हैं। सीमा के साथ सटा होने के कारण इस समय किसान अपनी फसल जो बिल्कुल सीमा के करीब है उसकी ठीक तरह से देखभाल नहीं कर पा रहे हैं।
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