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चिकित्सा विवि की कवायद तेज

Mon, 05 Feb 2018 11:41 PM IST
Updated Mon, 05 Feb 2018 11:41 PM IST
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चिकित्सा विवि की कवायद तेज
- फोटो : amar ujala
जम्मू। रियासत में स्वतंत्र चिकित्सा विश्वविद्यालय की कवायद तेज की गई है। जम्मू और कश्मीर में क्षेत्रीय स्तर पर बनने वाले इन विश्वविद्यालयों के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बिल बनाकर कानून विभाग को भेजा है। कानून विभाग की ओर से एसआरओ जारी होने के बाद इस पर विधानसभा में मुहर लगने के बाद विश्वविद्यालय के निर्माण का रास्ता साफ होगा। इस विधानसभा में भी बिल को रखा जा सकता है।
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राज्य में दंत, आयुष, पैरा मेडिकल, फिजियोथैरेपी संस्थानों सहित सरकारी और निजी मेडिकल कालेजों के प्रमुख जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय पर बढ़ते लोड को देखते हुए अलग से मेडिकल विश्वविद्यालय की मांग बढ़ी है। रियासत में पांच नए मेडिकल कालेज, दस नर्सिंग कालेज, दो आईएसएम सहित अन्य मेडिकल संस्थानों को शुरू करने पर काम किया जा रहा है। मेडिकल विश्वविद्यालय के निर्माण से सारी चिकित्सा अकादमिक गतिविधियों को एक ही जगह से अंजाम दिया जाएगा। वर्तमान में राज्य में नर्सिंग और पैरा मेडिकल कालेजों/स्कूलों सहित दो से अधिक दर्जन चिकित्सा संस्थान हैं, जो कश्मीर और जम्मू विश्वविद्यालय के संबद्ध हैं। इन संस्थानों को राज्य में विशेष मेडिकल कालेज की अनुपस्थिति में प्रवेश, परामर्श, परीक्षा का समय पर आचरण, परिणाम और अन्य संबंधित मुद्दों व शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। राज्य में जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय तीनों क्षेत्रों के हजारों छात्रों की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं और साथ ही मेडिकल कालेज उनके साथ जुड़े हैं। राज्य के प्रमुख जम्मू और कश्मीर विश्वविद्यालय पर समय के साथ अकादमिक सहित अन्य गतिविधियों का बेतहाशा लोड बढ़ा है। मेडिकल विश्वविद्यालय के लिए चार सदस्यीय समिति भी काम कर रही है।
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