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राजोरी के 86 फीसदी स्कूलों में बिजली नहीं
Updated Tue, 22 May 2018 02:28 PM IST
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राजोरी। सरकार भले ही हर घर को रोशन करने का दावा करती हो, लेकिन जमीनी स्तर पर ये दावे खोखले साबित हो रहे हैं। राजोरी जिला इसका उदाहरण है जहां आजादी के सात दशक बीत जाने के बाद भी अभी तक 86 प्रतिशत से ज्यादा सरकारी स्कूलों में बिजली की सुविधा नहीं है।
जानकारी के अनुसार राजोरी जिले में 1720 सरकारी स्कूल हैं। 1720 सरकारी स्कूलों में से 995 प्राइमरी स्कूल, 557 मिडिल स्कूल, 117 हाई स्कूल और 41 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसके अलावा 6 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी हैं। इनमें से अधिकतर सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो अभी तक विद्युतीकृत नहीं किए जा सके हैं। जिले में बिजली के बिना कुल 1484 सरकारी स्कूलों में से 930 प्राइमरी स्कूल, 522 मिडिल, 4 केजीबीवी हॉस्टल, 26 हाई स्कूल और दो हायर सेकेंडरी स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली की सुविधा नहीं है।
मंत्री/ विधायकों के क्षेत्र की स्थिति
358 गैर विद्युतीकृत सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो कि राज्य के शिक्षा मंत्री चौधरी जुल्फकर अली के दरहाल विस क्षेत्र में स्थित हैं। राज्य के पशुपालन मंत्री एवं कालाकोट विस क्षेत्र के विधायक अब्दुल गनी कोहली के क्षेत्र में 368 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो बिजली सुविधा से दूर हैं। पीडीपी विधायक कमर चौधरी द्वारा प्रतिनिधित्व राजोरी विस क्षेत्र में करीब 105 सरकारी स्कूल बिजली सुविधा से महरूम हैं। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष और फायर ब्रांड एमएलए रवींद्र रैना के विस क्षेत्र नौशेरा में सबसे अधिक करीब 653 सरकारी स्कूलों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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66 स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के हाईटेंशन तार
जिले में 66 सरकारी स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके भवनों के ऊपर से बिजली की एचटी केबल गुजर रही है, जो किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है, लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले के उच्च अधिकारियों को जानकारी है कि जिले के कितने स्कूल बिजली सुविधा से महरूम हैं। उन्हें चाहिए कि वे सरकार से बात कर उन स्कूलों में बिजली सुविधा महैया करवाएं। अधिकारी ने बताया कि एचटी लाइनों के नीचे स्थित स्कूलों के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी है। उनको एचटी लाइनों या स्कूलों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए विद्युत विकास विभाग को लिखना चाहिए।
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जानकारी के अनुसार राजोरी जिले में 1720 सरकारी स्कूल हैं। 1720 सरकारी स्कूलों में से 995 प्राइमरी स्कूल, 557 मिडिल स्कूल, 117 हाई स्कूल और 41 हायर सेकेंडरी स्कूल हैं। इसके अलावा 6 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय भी हैं। इनमें से अधिकतर सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो अभी तक विद्युतीकृत नहीं किए जा सके हैं। जिले में बिजली के बिना कुल 1484 सरकारी स्कूलों में से 930 प्राइमरी स्कूल, 522 मिडिल, 4 केजीबीवी हॉस्टल, 26 हाई स्कूल और दो हायर सेकेंडरी स्कूल ऐसे हैं जहां बिजली की सुविधा नहीं है।
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मंत्री/ विधायकों के क्षेत्र की स्थिति
358 गैर विद्युतीकृत सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो कि राज्य के शिक्षा मंत्री चौधरी जुल्फकर अली के दरहाल विस क्षेत्र में स्थित हैं। राज्य के पशुपालन मंत्री एवं कालाकोट विस क्षेत्र के विधायक अब्दुल गनी कोहली के क्षेत्र में 368 सरकारी स्कूल ऐसे हैं, जो बिजली सुविधा से दूर हैं। पीडीपी विधायक कमर चौधरी द्वारा प्रतिनिधित्व राजोरी विस क्षेत्र में करीब 105 सरकारी स्कूल बिजली सुविधा से महरूम हैं। भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष और फायर ब्रांड एमएलए रवींद्र रैना के विस क्षेत्र नौशेरा में सबसे अधिक करीब 653 सरकारी स्कूलों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है।
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66 स्कूलों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के हाईटेंशन तार
जिले में 66 सरकारी स्कूल ऐसे भी हैं, जिनके भवनों के ऊपर से बिजली की एचटी केबल गुजर रही है, जो किसी बड़े हादसे की वजह बन सकती है, लेकिन कुछ नहीं किया जा रहा है। इस संबंध में शिक्षा विभाग के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले के उच्च अधिकारियों को जानकारी है कि जिले के कितने स्कूल बिजली सुविधा से महरूम हैं। उन्हें चाहिए कि वे सरकार से बात कर उन स्कूलों में बिजली सुविधा महैया करवाएं। अधिकारी ने बताया कि एचटी लाइनों के नीचे स्थित स्कूलों के बारे में भी अधिकारियों को जानकारी है। उनको एचटी लाइनों या स्कूलों को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने के लिए विद्युत विकास विभाग को लिखना चाहिए।