{"_id":"5dfa06b88ebc3e87d700d222","slug":"134-days-after-the-removal-of-article-370-prayers-offered-in-jamia-masjid-srinagar","type":"story","status":"publish","title_hn":"अनुच्छेद 370 हटने के 134 दिन बाद आज श्रीनगर की जामिया मस्जिद में पढ़ी गई नमाज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अनुच्छेद 370 हटने के 134 दिन बाद आज श्रीनगर की जामिया मस्जिद में पढ़ी गई नमाज
Wed, 18 Dec 2019 04:30 PM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्रीनगर
Published by: Pranjal Dixit
Updated Wed, 18 Dec 2019 04:30 PM IST
विज्ञापन
जामिया मस्जिद श्रीनगर
- फोटो : बासित जरगर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने के 134 दिन बाद आज बुधवार को श्रीनगर के जामिया मस्जिद में नमाज अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए। मस्जिद में जाने वाले हर नमाजी की तलाशी होने के बाद ही उन्हें मस्जिद में जाने की अनुमति मिली।
आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 पांच अगस्त को लगने के बाद सुरक्षा कारणों से मस्जिद में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई थी।
उधर कश्मीर चैंबर ऑफ ने कहा कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मरी घाटी में पिछले चार माह में 17, 878 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।5 अगस्त के बाद की परिस्थितियों पर एक व्यापक रिपोर्ट जारी करते हुए चैंबर ने कहा कि नुकसान का आकलन जम्मू और कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद (2017-18) के आधार पर किया गया है।
अध्ययन में कश्मीर घाटी के 10 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें प्रदेश की कुल आबादी का 55 प्रतिशत शामिल है। गणना के लिए 120 दिनों का समय अवधि माना गया है।
विज्ञापन
केसीसीआई ने कहा कि इस रिपोर्ट में किसानों को शामिल नहीं किया गया है। घाटी का पर्यटन क्षेत्र जर्जर है।
विज्ञापन
आपको बता दें कि अनुच्छेद 370 पांच अगस्त को लगने के बाद सुरक्षा कारणों से मस्जिद में नमाज अदा करने पर रोक लगा दी गई थी।
उधर कश्मीर चैंबर ऑफ ने कहा कि राज्य से अनुच्छेद 370 हटने के बाद कश्मरी घाटी में पिछले चार माह में 17, 878 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।5 अगस्त के बाद की परिस्थितियों पर एक व्यापक रिपोर्ट जारी करते हुए चैंबर ने कहा कि नुकसान का आकलन जम्मू और कश्मीर के सकल घरेलू उत्पाद (2017-18) के आधार पर किया गया है।
विज्ञापन
अध्ययन में कश्मीर घाटी के 10 जिलों को शामिल किया गया है। इसमें प्रदेश की कुल आबादी का 55 प्रतिशत शामिल है। गणना के लिए 120 दिनों का समय अवधि माना गया है।
विज्ञापन
केसीसीआई ने कहा कि इस रिपोर्ट में किसानों को शामिल नहीं किया गया है। घाटी का पर्यटन क्षेत्र जर्जर है।