फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Jammu News ›   अनशन पर बैठीं महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

अनशन पर बैठीं महिलाओं की तबीयत बिगड़ी

Thu, 05 Apr 2018 01:31 AM IST
Updated Thu, 05 Apr 2018 01:31 AM IST
विज्ञापन
अनशन पर बैठीं महिलाओं की तबीयत बिगड़ी
हीरानगर। रसाना मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग पर कूटा में आमरण अनशन पर बैठीं महिलाओं की तबीयत बुधवार को पांचवें दिन काफी बिगड़ गई। इसके बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया तो उनके स्थान पर अन्य महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। अनशन को जारी रखने के लिए आज सामने आईं महिलाओं ने कहा कि यह सिलसिला खत्म नहीं होगा जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती।
विज्ञापन

मामले की जांच सीबीआई से कराने के मांग को लेकर 31 मार्च को चार महिलाओं ने आमरण अनशन शुरू किया था। इसमें अंजना शर्मा, त्रिशला देवी, दर्शन देवी व सुषमा देवी शामिल रहीं। लगभग 98 घंटे तक चारों अपनी मांग पर अड़ी रहीं। इस दौरान कई बार इनकी सेहत में गिरावट दर्ज की गई व डाक्टरों ने इन्हें अस्पताल जाने की सलाह भी दी, लेकिन इन्हाेंने साफ इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि हम आखिरी सांस तक अपने हक के लिए लडे़ंगे। बुधवार को जब इनकी हालत ज्यादा खराब हो गई, तो डाक्टरों की एक टीम एंबुलेंस लेकर मौके पर पहुंची। इन्हें हीरानगर उपजिला अस्पताल भर्ती किया गया, जहां इनका इलाज अभी भी चल रहा है। दूसरी तरफ, जैसे ही इन अनशनकारियों को अस्पताल ले जाया गया, तो इनके स्थान पर अन्य चार बुजुर्ग महिलाओं ने मोर्चा संभाल लिया। उन्होंने कहा कि जो लड़ाई शुरू की गई है, उसे लक्ष्य प्राप्त होने तक लड़ा जाएगा। 53 वर्षीय दर्शना देवी, 70 वर्षीय विद्या देवी, 66 वर्षीय वैष्णो देवी व 45 वर्षीय सृष्टा देवी अब अनशन पर बैठ गई हैं। उन्होंने कहा कि रसाना मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाए। हम क्राइम ब्रांच का और जुल्म सहन नहीं कर सकते। निर्दोष लोगों को फंसाया जा रहा है। सरकार जांच सीबीआई को सौंप दे, हम अपने घरों को लौट जाएंगे।
विज्ञापन


सरकार नहीं दबा सकती जनता की आवाज
हिंदू एकता मंच के नेता कांत कुमार ने कहा कि सरकार अपनी पावर दिखा कर लोगों की आवाज नहीं दबा सकती। सरकार अपनी मनमर्जी से इस जांच को आगे बढ़ा रही है जो किसी को स्वीकार नहीं है। दो माह से भी अधिक समय से लोग सीबीआई जांच की मांग को लेकर संर्घष कर रहे हैं। न तो लोगों की मांग पर सरकार अपना फैसला दे सकी है और न ही क्रांइम ब्रंाच इस पूरे मामले को लोगों के सामने सपष्ट कर सकी है। लगातार हो रही देरी यह संदेह पैदा करती है कि सरकार व ब्रांच मिलकर इस मामले को अपने हिसाब से चलाना चाहते हैं। अपने हक के लिए लड रहे लोगों के हम साथ हैं और दिन रात इनके लिए डटे रहेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


महिलाओं की सेहत को अब कोई खतरा नहीं: बीएमओ
हीरानगर। उपजिला अस्पताल हीरानगर के बीएमओ ओेंकार नाथ ने बताया कि अगर समय रहते इन अनशनकारियों को अस्पताल नहीं पहुंचाया जाता तो इनकी सेहत और खराब हो जाती। इनमें कमजोरी तेजी से बढ़ रही थी जो इनकी जान के लिए खतरा भी बन सकती थी। हमारी टीम ने इनकी सेहत पर पूरी नजर रखी और जरूरत महसूस होते ही इन्हें अस्पताल पहुंचा दिया गया, जहां इनका इलाज चल रहा है और अब किसी भी किस्म का कोई खतरा इनकी सेहत को नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed