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रसाना कांड की सीबीआई जांच की मांग
Updated Fri, 23 Feb 2018 11:47 PM IST
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सीबीआई
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हीरानगर। इलाके में धारा 144 लागू होने से वीरवार को इंटरनेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्लेटफार्म (आईडीपी) के प्रधान आईडी खजूरिया के आवास पर एकत्र हुए विभिन्न संगठनों के लोगों ने रसाना कांड की सीबीआई जांच के लिए आवाज बुलंद की। उन्होंने सरकार पर बच्ची की हत्या मामले को जानबूझ कर लंबा खींचने का आरोप लगाया गया।
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आईडीपी के पदाधिकारियों ने कहा कि रसाना की आठ वर्षीय बच्ची की अपहरण के बाद हत्या का मामला दबने वाला नहीं है। यही वजह है कि सरकार चुपचाप इसे लंबा खींच रही है, ताकि लोग धीरे-धीरे चुप हो जाएं। आईडीपी अध्यक्ष ने कहा कि इस मामले में दोनों पक्ष सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार सहमत नहीं हो रही।
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हम भी यही चाहते हैं कि मामले की सीबीआई जांच हो। दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को इंसाफ मिले। उन्होंने कहा कि बच्ची के साथ हुए इस जघन्य कांड ने इंसानियत को शर्मसार किया है। ऐसे में भला एक जनतांत्रिक देश की सरकार सब कुछ चुपचाप कैसे देख सकती है।
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उसके इसी रवैये के कारण जिन लोगों ने सरकार बनाने में अहम भूमिका निभाई वही जनता आज राज्य सरकार की कार्यशैली से नाराज होकर सड़कों पर उतर रही है। हम शांतिप्रिय लोग हैं और आपसी भाईचारा चाहते हैं। इसलिए सरकार ऐसे हालात न बनाए जिससे इस पर कोई असर पडे़।
धारा 144 लागू करने पर उन्हाेंने कहा कि ऐसे माहौल में प्रशासनिक अधिकारियों को लोगों के बीच जाकर बात करनी चाहिए। लोगाें को मामले का अपडेट देना चाहिए ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे। बैठक में नेकां के भारती शर्मा, कांग्रेस के रोमी शर्मा, महिला अधिकार संगठन की अध्यक्ष संतोष खजूरिया, सामाजिक इंसाफ मंच के अध्यक्ष बीएल कांडले, रामपाल शर्मा, कालीदास, सुरेश कुमार आदि शामिल थे।
घर के बाहर रहा सख्त पहरा
हीरानगर। आईडीपी प्रधान के घर पर बैठक के दौरान भी बाहर बड़ी संख्या में पुलिस-प्रसासन के अधिकारी बैठे रहे। धारा 144 का उल्लंघन न हो, इसके लिए यह चौकसी बरती गई। बैठक शुरू होने से पहले एसएचओ राजबाग सर्वजीत सिंह ने बैठक रद्द करने की बात आईडी खजूरिया से की।
एसएचओ ने खजूरिया से कहा कि वह बैठक न करें तो बेहतर होगा। खजूरिया ने कहा कि बैठक घर के भीतर हो रही है और यह किसी तरह धारा 144 का उल्लंघन नहीं है। फिर भी यदि आप मुझे हिरासत में लेना चाहते हैं, तो आप ऐसा कर सकते हैं।
कानून व्यवस्था खराब न हो, इसके चलते खजूरिया के घर के बाहर तहसीलदार हीरानगर गौरव शर्मा, नायब तहसीलदार चड़वाल सतीश शर्मा व एसएचओ जवानों के साथ बैठे रहे। बैठक खत्म होने के बाद जब सब लोग एक-एक करके घर से निकल कर चले गए, तो अधिकारी भी चले गए।