{"_id":"5ba16152867a5523e256962b","slug":"101537302866-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बार्डर के पांच किलोमीटर के इलाके में अलर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बार्डर के पांच किलोमीटर के इलाके में अलर्ट
Updated Wed, 19 Sep 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू। सांबा के रामगढ़ सेक्टर में पाकिस्तान ने एक बार फिर सीजफायर तोड़ा है। इसमें बीएसएफ का एक जवान शहीद हो गया। जिसके बाद पूरे बार्डर पर अलर्ट किया गया है। बार्डर के पांच किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी गांव के ग्रामीणों को अलर्ट किया गया है। जिला और पुलिस प्रशासन को भी अलर्ट रहने के लिए कहा गया है। लगभग तीन महीने के बाद फिर से बार्डर पर अशांति का माहौल बन गया है।
जम्मू, सांबा और कठुआ जिले में बार्डर के अधीन करीब 500 गांव हैं। पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा के भीतर पांच किलोमीटर के ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी की जाती रही है। बार्डर पर गोलाबारी की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर यह सब किया जा रहा है। तीनों जिलों में बार्डर पर अलर्ट रहने और लोगों को घरों में सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है।
जम्मू के जिला उपायुक्त रमेश कुमार का कहना है कि हमने एहतियात के तौर पर सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। पुलिस से भी कहा गया है कि वह अलर्ट रहें।
विज्ञापन
विज्ञापन
जम्मू, सांबा और कठुआ जिले में बार्डर के अधीन करीब 500 गांव हैं। पिछले कुछ सालों से पाकिस्तान की तरफ से भारतीय सीमा के भीतर पांच किलोमीटर के ग्रामीण इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी की जाती रही है। बार्डर पर गोलाबारी की आशंका के चलते एहतियात के तौर पर यह सब किया जा रहा है। तीनों जिलों में बार्डर पर अलर्ट रहने और लोगों को घरों में सुरक्षित रहने के लिए कहा गया है।
विज्ञापन
जम्मू के जिला उपायुक्त रमेश कुमार का कहना है कि हमने एहतियात के तौर पर सभी जिला प्रशासन के अधिकारियों को अलर्ट रहने के लिए कहा है। पुलिस से भी कहा गया है कि वह अलर्ट रहें।
विज्ञापन