{"_id":"5b03dd894f1c1b5c798b5a3f","slug":"101526979977-jammu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अपनी ही फसल रात के अंधेरे में काट रहा अन्नदाता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अपनी ही फसल रात के अंधेरे में काट रहा अन्नदाता
Updated Tue, 22 May 2018 02:36 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पुंछ। आए दिन हो रही पाकिस्तानी सेना की गोलाबारी के डर से नियंत्रण रेखा के आसपास बसे क्षेत्रों के किसान आजकल दिन के बजाय रात के अंधेरे में चुपके-चुपके अपने खेतों में पक कर तैयार गेहूं की कटाई कर रहे हैं। यही वजह है कि नियंत्रण रेखा पार पाक सेना की अग्रिम चौकियों से मात्र 200 मीटर की दूरी पर बसे दिगवार मलदेयालां में गांव दिन में जहां खेते सूने रहते हैं, तो रात में गुलजार हो जाते हैं।
रात में कटाई के काम में जुटे किसानों किशोर कुमार, सुनील कुमार, अर्जुन शर्मा, मोहम्मद रफीक, एजाज अहमद आदि ने बताया कि यदि हम दिन में खेतों में काम के लिए आते हैं, तो पाकिस्तानी सेना गोलाबारी शुरू कर देती है। हमें स्नाइपर शॉट का भी डर रहता है, इसलिए हम रात में गेहूं की कटाई करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हमारे गांव के एकदम सामने के गांव कलसां में एक घर में शादी थी, जबकि पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी कर एक युवक को मौत की नींद सुला दिया था। उन्होंने बताया कि वे पूरी रात गेहूं की कटाई करते हैं और दिन में सोते हैं। पहले दिन में कटाई के काम में हम मजदूर भी लगा लेते थे, लेकिन अब कोई मजदूर काम पर नहीं आता है। ऐसे में आस-पड़ोस के आठ-दस लोगों के परिवार रात में मिल कर फसल की कटाई करते हैं।
विज्ञापन
रात में कटाई के काम में जुटे किसानों किशोर कुमार, सुनील कुमार, अर्जुन शर्मा, मोहम्मद रफीक, एजाज अहमद आदि ने बताया कि यदि हम दिन में खेतों में काम के लिए आते हैं, तो पाकिस्तानी सेना गोलाबारी शुरू कर देती है। हमें स्नाइपर शॉट का भी डर रहता है, इसलिए हम रात में गेहूं की कटाई करते हैं। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों हमारे गांव के एकदम सामने के गांव कलसां में एक घर में शादी थी, जबकि पाकिस्तानी सेना ने गोलाबारी कर एक युवक को मौत की नींद सुला दिया था। उन्होंने बताया कि वे पूरी रात गेहूं की कटाई करते हैं और दिन में सोते हैं। पहले दिन में कटाई के काम में हम मजदूर भी लगा लेते थे, लेकिन अब कोई मजदूर काम पर नहीं आता है। ऐसे में आस-पड़ोस के आठ-दस लोगों के परिवार रात में मिल कर फसल की कटाई करते हैं।
विज्ञापन