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अगले साल सुचारु यात्रा और कोरोना के खात्मे की कामना
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किश्तवाड़। प्रसिद्ध मचैल माता की पवित्र छड़ी यात्रा का देर शाम डोडा में राजू जेन के निवास स्थान पर पहुंचते ही क्षेत्र महामाई के जयकारों से गूंज उठा है। वहीं, पूजा-अर्चना के बाद छड़ी यात्रा का समापन हो गया। इस दौरान भक्तों ने अगले साल सुचारु यात्रा और कोरोना के खात्मे की कामना की।
जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह नौ बजे अठोली से डोडा के लिए पवित्र छड़ी रवाना हुई, जो देर शाम डोडा पहुंची। यहां पर माता की पूजा-अर्चना की गई। गौरतलब है कि 24 अगस्त को मचैल मां के दरबार से पवित्र छड़ी लौटी थी, जो अठोली में विश्राम के बाद बुधवार को डोडा पहुंची। इस दौरान जहां छड़ी का भव्य स्वागत किया गया वहीं पूरा क्षेत्र महामाई के जयकारों से गूंज उठा है।
इस बार भी पवित्र यात्रा नहीं होने से पाडर वासियों को काफी निराशा हुई है। यात्रा का पाडर निवासी बेसब्री से इंतजार करते थे। इस बार भी कोरोना के चलते यात्रा रद्द कर दी गई थी, केवल छड़ी यात्रा ही पाबंदी के साथ निकालने की अनुमति मिली थी।
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जानकारी के अनुसार बुधवार सुबह नौ बजे अठोली से डोडा के लिए पवित्र छड़ी रवाना हुई, जो देर शाम डोडा पहुंची। यहां पर माता की पूजा-अर्चना की गई। गौरतलब है कि 24 अगस्त को मचैल मां के दरबार से पवित्र छड़ी लौटी थी, जो अठोली में विश्राम के बाद बुधवार को डोडा पहुंची। इस दौरान जहां छड़ी का भव्य स्वागत किया गया वहीं पूरा क्षेत्र महामाई के जयकारों से गूंज उठा है।
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इस बार भी पवित्र यात्रा नहीं होने से पाडर वासियों को काफी निराशा हुई है। यात्रा का पाडर निवासी बेसब्री से इंतजार करते थे। इस बार भी कोरोना के चलते यात्रा रद्द कर दी गई थी, केवल छड़ी यात्रा ही पाबंदी के साथ निकालने की अनुमति मिली थी।
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