{"_id":"630a67b2919de0057c4cd419","slug":"virus-udhampur-news-jmu266813398","type":"story","status":"publish","title_hn":"लंपी के साथ शहर के लावारिस मवेशियों पर भी नहीं है अंकुश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लंपी के साथ शहर के लावारिस मवेशियों पर भी नहीं है अंकुश
विज्ञापन
उधमपुर: बाजार में घूमती हुई गाय.
- फोटो : UDHAMPUR
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। जिले में लंपी के मामले प्रतिदिन बढ़ रहे हैं। इसके बावजूद शहर में लावारिस घूमने वाले पशुओं पर कोई रोक नहीं लगाई जा रही है। नगर परिषद ने इसकी रोकथाम को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है। वहीं, पशुपालन विभाग भी सिर्फ घरों में पल रहे मवेशियों पर ही ध्यान दे रहा है। इससे शहर में लंपी वायरस तेजी से फैलने के आसार हैं।
पिछले कुछ समय से जिले के मवेशियों में लंपी के लक्षण देखे जा रहे हैं। इसके मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वायरस की चपेट में आने से पशु दूध कम दे रहे हैं जिससे पशुपालकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालन विभाग ने लंपी से बचाव के उपाय जारी किए हैं और पशुओं में टीकाकरण भी शुरू किया है। लेकिन, टीका सिर्फ घरों में पल रहे पशुओं को लगाया जा रहा है। शहर में लावारिस घूम रहे पशुओं पर कोई रोक टोक नहीं है।
शहर के कुछ दुकानदारों का कहना है कि शहरी पशुपालक मवेशियों का दूध दुहकर उन्हें छोड़ देते हैं और पशु दिन भर घूमकर चारे पानी की जुगाड़ करते हैं। कुछ मवेशी तो रात को भी सड़कों पर ही रात बिताने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। ये मवेशी आपस में एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, जिससे लंपी जैसा वायरस आसानी से प्रसारित हो सकता है। इन पर बैठने वाले मक्खी, मच्छर भी आसानी से नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए नगर परिषद को कोई कदम उठाना चाहिए।
विज्ञापन
-----
लंपी वायरस की रोकथाम के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। फिलहाल शहर में लावारिस मवेशियों पर रोक लगाने का काम नगर परिषद का है। स्थिति नाजुक है इसलिए पशुपालकों को भी चाहिए कि वे अपने मवेशियों को शहर में घूमने के लिए न छोडे़ और विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करें।
- डॉ. राकेश गुप्ता, मुख्य पशुपालन विभाग अधिकारी, उधमपुर
-----
शहर में लावारिस मवेशियों की रोकथाम के लिए नप कैटल पांड तैयार कर रहा है। इसका काम एक माह में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद अगर कोई मवेशी शहर में घूमता पाया गया तो उसे कैटल पांड में रखा जाएगा, और उसके पालक पर जुर्माना लगाया जाएगा। फिलहाल पशुपालकों को स्वयं भी लंपी से अपने मवेशियों को बचाने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर
विज्ञापन
पिछले कुछ समय से जिले के मवेशियों में लंपी के लक्षण देखे जा रहे हैं। इसके मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है। इस वायरस की चपेट में आने से पशु दूध कम दे रहे हैं जिससे पशुपालकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पशुपालन विभाग ने लंपी से बचाव के उपाय जारी किए हैं और पशुओं में टीकाकरण भी शुरू किया है। लेकिन, टीका सिर्फ घरों में पल रहे पशुओं को लगाया जा रहा है। शहर में लावारिस घूम रहे पशुओं पर कोई रोक टोक नहीं है।
विज्ञापन
शहर के कुछ दुकानदारों का कहना है कि शहरी पशुपालक मवेशियों का दूध दुहकर उन्हें छोड़ देते हैं और पशु दिन भर घूमकर चारे पानी की जुगाड़ करते हैं। कुछ मवेशी तो रात को भी सड़कों पर ही रात बिताने के लिए छोड़ दिए जाते हैं। ये मवेशी आपस में एक-दूसरे के संपर्क में आते हैं, जिससे लंपी जैसा वायरस आसानी से प्रसारित हो सकता है। इन पर बैठने वाले मक्खी, मच्छर भी आसानी से नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके लिए नगर परिषद को कोई कदम उठाना चाहिए।
विज्ञापन
-----
लंपी वायरस की रोकथाम के लिए विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। फिलहाल शहर में लावारिस मवेशियों पर रोक लगाने का काम नगर परिषद का है। स्थिति नाजुक है इसलिए पशुपालकों को भी चाहिए कि वे अपने मवेशियों को शहर में घूमने के लिए न छोडे़ और विभाग के दिशा निर्देशों का पालन करें।
- डॉ. राकेश गुप्ता, मुख्य पशुपालन विभाग अधिकारी, उधमपुर
-----
शहर में लावारिस मवेशियों की रोकथाम के लिए नप कैटल पांड तैयार कर रहा है। इसका काम एक माह में पूरा होने की संभावना है। इसके बाद अगर कोई मवेशी शहर में घूमता पाया गया तो उसे कैटल पांड में रखा जाएगा, और उसके पालक पर जुर्माना लगाया जाएगा। फिलहाल पशुपालकों को स्वयं भी लंपी से अपने मवेशियों को बचाने के लिए जागरूक होने की जरूरत है।
- डॉ. जोगेश्वर गुप्ता, नगर परिषद अध्यक्ष, उधमपुर