फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Jammu and Kashmir ›   Udhampur News ›   udhampur, ramnagar, subdivision hosipital

Udhampur News: 37 साल बाद भी उपजिला अस्पताल रामनगर में 30 बिस्तर की ही व्यवस्था

Wed, 17 Jul 2024 03:37 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर Updated Wed, 17 Jul 2024 03:37 AM IST
विज्ञापन
udhampur, ramnagar, subdivision hosipital
शिशु रोग विशेषज्ञ और सर्जन नहीं होने से लोग परेशान, तहसील की दो लाख आबादी है निर्भर
विज्ञापन

अपग्रेड नहीं होने से बना रेफरल अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। तहसील रामनगर में 1987 में उपजिला अस्पताल स्थापित किया गया था। उस समय 30 बिस्तर की सुविधा थी। लेकिन, 37 साल बीत जाने के बाद भी बिस्तर की सुविधा नहीं बढ़ाई गई है। इस कारण तहसील की करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। वहीं, अस्पताल में शिशु रोग विशेषज्ञ और सर्जन भी नहीं है, जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अपग्रेड नहीं होने पर यह रेफरल अस्पताल बन गया है।
उपजिला अस्पताल पर रामनगर व बसंतगढ़ के कई क्षेत्रों के लोग निर्भर हैं। इतना ही नहीं रोजाना अस्पताल की ओपीडी 500 के करीब रहती है। ऐसे में अगर कोई गंभीर रूप से बीमार 50 के करीब मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़े तो उसके लिए भी बिस्तर की व्यवस्था नहीं होने पर जीएमसी उधमपुर रेफर कर दिया जाता है।
विज्ञापन

स्थानीय लोगों संजीव जंडियाल, मनोज लेहड़ा, सुभाष कुडियार, वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जब से यह अस्पताल बना है तभी से इसे अपग्रेड कर 100 बिस्तर करने की मांग उठा रहे हैं। कई बार अस्पताल में बिस्तर सुविधा व डाक्टरों की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ प्रदर्शन भी कर चुके हैं। लेकिन, समस्या का समाधान आजतक नहीं हो सका है। जब भी कोई बीएमओ आता है तो उसे अस्पताल में 100 बिस्तर की सुविधा व डाक्टरों की कमी को पूरा करने के लिए ज्ञापन सौंपते है। लेकिन उसके बावजूद कुछ नहीं हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन


बिस्तर की कमी के चलते मरीजों को कर दिया जाता है रेफर
उपजिला अस्पताल में 30 बिस्तर की ही सुविधा है। इस कारण कई मरीजों को मजबूरन जीएमसी उधमपुर रेफर करना पड़ता है। क्योंकि, अस्पताल में बिस्तर नहीं होने से डाक्टर उसे भर्ती नहीं कर सकते है। इस कारण मजबूरन कई मरीजों को अपना इलाज जीएमसी में करवाना पड़ता है।


अस्पताल में डाक्टरों की भी है कमी
उपजिला अस्पताल होने के बावजूद सर्जन और बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर नहीं है, जिस कारण लोगों को मजबूरन इलाज के लिए जीएमसी उधमपुर या फिर निजी क्लीनिक्स का रुख करना पड़ता है। इसके अलावा एक ही फिजिश्यन है, जबकि दो पद सृजित हैं। अस्पताल में डाक्टरों की कमी के चलते लोगों में रोष है।


लोगों की मांग है कि अस्पताल में 30 से बढ़ा कर 100 बिस्तर की सुविधा की जाए। अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। उम्मीद है कि जल्द ही कमी को पूरा किया जाएगा।
- डॉ. हरविंद्र, बीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed