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Udhampur News: पुलिस ने जनता दरबार लगाकर नए कानूनों के बारे में किया जागरूक
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उधमपुर। नए आपराधिक कानूनों को लेकर जिले के विभिन्न इलाकों में पुलिस की तरफ से जनता दरबार लगाए गए। इसमें पुलिस अधिकारियों ने लोगों को इन कानूनों के बारें में विस्तृत जानकारी दी। बताया गया कि एक जुलाई से देश में आईपीसी, सीआरपीसी और भारतीय साक्ष्य अधिनियम की जगह तीन नये कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनिमय लागू हो गए हैं।
पंचैरी, चिनैनी और उधमपुर में हुए कार्यक्रमों में लोगों को पहली जुलाई से लागू हुए नए कानून के तहत किए गए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पंचैरी की चुलना पंचायत में डीएसपी डार बाटू चौधरी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें डीडीसी सदस्य जसवीर सिंह, एसएचओ पंचैरी दीपक शर्मा भी मुख्य रूप से शामिल रहे।
अधिकारियों ने बताया कि पहले आईपीसी एक्ट के तहत 511 धाराएं थीं, जो अब 358 रह गई हैं। उन्होंने बताया कि अब न्याय प्रणाली में तेजी आएगी। महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न के दृष्टिगत कानून सख्त किए गए हैं। महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के लिए कई नई धाराएं भी बनाई गई हैं। अब महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने पर भी मुकद्दमा दर्ज होगा।
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उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की पहले कोई धारा नहीं थी, लेकिन अब नई धारा-84 के तहत मामला दर्ज होगा। इतना ही नहीं इस धारा के तहत मामला दर्ज होने पर दो साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा यदि पहली शादी होते हुए कोई व्यक्ति किसी दूसरी महिला से शादी करता है तो ऐसे मामलों में उसे सात साल की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त अपहरण, डकैती, हत्या आदि संगठित अपराध के लिए नई धारा बनाई गई है। अब 111 के तहत मामला दर्ज होगा। इसमें पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।
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पंचैरी, चिनैनी और उधमपुर में हुए कार्यक्रमों में लोगों को पहली जुलाई से लागू हुए नए कानून के तहत किए गए महत्वपूर्ण बदलावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। पंचैरी की चुलना पंचायत में डीएसपी डार बाटू चौधरी की अध्यक्षता में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें डीडीसी सदस्य जसवीर सिंह, एसएचओ पंचैरी दीपक शर्मा भी मुख्य रूप से शामिल रहे।
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अधिकारियों ने बताया कि पहले आईपीसी एक्ट के तहत 511 धाराएं थीं, जो अब 358 रह गई हैं। उन्होंने बताया कि अब न्याय प्रणाली में तेजी आएगी। महिलाओं पर होने वाले उत्पीड़न के दृष्टिगत कानून सख्त किए गए हैं। महिलाओं का उत्पीड़न रोकने के लिए कई नई धाराएं भी बनाई गई हैं। अब महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने पर भी मुकद्दमा दर्ज होगा।
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उन्होंने बताया कि विवाहित महिलाओं को बहला-फुसलाकर ले जाने की पहले कोई धारा नहीं थी, लेकिन अब नई धारा-84 के तहत मामला दर्ज होगा। इतना ही नहीं इस धारा के तहत मामला दर्ज होने पर दो साल की सजा का प्रावधान है। इसके अलावा यदि पहली शादी होते हुए कोई व्यक्ति किसी दूसरी महिला से शादी करता है तो ऐसे मामलों में उसे सात साल की सजा हो सकती है। इसके अतिरिक्त अपहरण, डकैती, हत्या आदि संगठित अपराध के लिए नई धारा बनाई गई है। अब 111 के तहत मामला दर्ज होगा। इसमें पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है।