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Udhampur News: प्राइमरी स्कूल बनी में एक माह से नहीं मिला मिड-डे-मील
Fri, 16 Feb 2024 02:52 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Fri, 16 Feb 2024 02:52 AM IST
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बिना जोनल अधिकारियों से घोरड़ी में गड़बड़ाई मध्यांतर भोजन योजनाअभिभावकों ने पूर्व सरपंच के नेतृत्व में विभाग के खिलाफ किया प्रदर्शन
खाद्यापूर्ति विभाग के अधिकारी बोले- हर तीन माह का कोटा एडवांस में करवा दिया जाता है मुहैया
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जोनल अधिकारी नहीं होने से जोन घोरड़ी में मिड-डे-मील योजना गड़बड़ा गई है। सत्यालता पंचायत के सरकारी प्राइमरी स्कूल बनी में एक माह से मिड-डे-मील बंद है। इस पर वीरवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने पूर्व सरपंच यशपाल के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उधर, स्कूल प्रशासन की मानें तो पीछे से चावल न मिलने की वजह से मिड डे मील तैयार नहीं बन पा रहा है। वहीं, खाद्यापूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन माह का कोटा सभी स्कूलों को एडवांस में मुहैया करा दिया जाता है।
प्रदर्शनकारियाें ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सरकार की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को हिदायत दी जाती है कि वह हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं, ताकि कोई शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन अगर सरकारी स्कूलों में ऐसी लापरवाही होगी तो कौन बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजेगा। प्राइमरी स्कूल बनी में एक माह से मिड-डे-मील बंद है। जब लोग इस संदर्भ में शिक्षकों से पूछते है तो उनका साफ जवाब होता है कि पीछे से चावल नहीं आ रहा है। सीईओ ने भी एक माह से चावल की आपूर्ति बंद होने का हवाला दिया। पूर्व सरपंच ने शिक्षा विभाग व डीसी से जल्द स्कूल में मिड-डे-मील को शुरू करवाने की मांग उठाई है।
जोन के संचालन को नहीं है कोई अधिकारी
जोन घोरड़ी में जेडईओ और जेडईपीओ दोनों अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। कोई नियुक्ति नहीं होने पर किसी की जवाबदेही तय नहीं है। इस कारण घोरड़ी जोन के कई स्कूलों में मिड-डे-मील सुविधा बंद है। जबकि विभाग की ओर से एडवांस में तीन माह का कोटा मुहैया करा दिया जाता है।
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सीईओ को दी गई मामले की जानकारी
खाद्य आपूर्ति विभाग के सहायक निदेशक नसीर भट ने बताया कि विभाग की ओर से मिड-डे-मील की कोई भी सप्लाई नहीं रोकी गई है। हर क्षेत्र में तीन माह का कोटा एडवांस में दिया जाता है। कल्स्टर प्रभारी मोहन लाल गुप्ता ने बताया कि वह गवर्नमेंट हायर सेंकेडरी स्कूल के प्रिंसिपल भी हैं। यहां भी स्कूल का कोटा लेने के लिए उन्हें पहले कुछ दिक्कत हुई थी। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को लिखित में शिकायत दी गई है।
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घोरड़ी जोन में जोनल शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त है और जेडईपीओ का भी तबादला हो गया है। इस कारण जोन के कुछ स्कूलों में मिड-डे-मील के राशन को लेकर समस्या उत्पन्न हुई है। मौजूदा समय में वहां पर संचालन करने वाले कोई नहीं है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मोहन लाल गुप्ता को प्रभार सौंपा है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
- गीतू बंगोत्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी
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खाद्यापूर्ति विभाग के अधिकारी बोले- हर तीन माह का कोटा एडवांस में करवा दिया जाता है मुहैया
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। जोनल अधिकारी नहीं होने से जोन घोरड़ी में मिड-डे-मील योजना गड़बड़ा गई है। सत्यालता पंचायत के सरकारी प्राइमरी स्कूल बनी में एक माह से मिड-डे-मील बंद है। इस पर वीरवार को अभिभावकों का गुस्सा फूट गया। उन्होंने पूर्व सरपंच यशपाल के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग के खिलाफ प्रदर्शन कर कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उधर, स्कूल प्रशासन की मानें तो पीछे से चावल न मिलने की वजह से मिड डे मील तैयार नहीं बन पा रहा है। वहीं, खाद्यापूर्ति विभाग के अधिकारियों का कहना है कि तीन माह का कोटा सभी स्कूलों को एडवांस में मुहैया करा दिया जाता है।
प्रदर्शनकारियाें ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी स्कूलों में शिक्षा के स्तर को ऊंचा करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। सरकार की ओर से पंचायत प्रतिनिधियों को हिदायत दी जाती है कि वह हर बच्चे को स्कूल पहुंचाएं, ताकि कोई शिक्षा से वंचित न रहे। लेकिन अगर सरकारी स्कूलों में ऐसी लापरवाही होगी तो कौन बच्चों को सरकारी स्कूलों में भेजेगा। प्राइमरी स्कूल बनी में एक माह से मिड-डे-मील बंद है। जब लोग इस संदर्भ में शिक्षकों से पूछते है तो उनका साफ जवाब होता है कि पीछे से चावल नहीं आ रहा है। सीईओ ने भी एक माह से चावल की आपूर्ति बंद होने का हवाला दिया। पूर्व सरपंच ने शिक्षा विभाग व डीसी से जल्द स्कूल में मिड-डे-मील को शुरू करवाने की मांग उठाई है।
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जोन के संचालन को नहीं है कोई अधिकारी
जोन घोरड़ी में जेडईओ और जेडईपीओ दोनों अधिकारियों के तबादले हो चुके हैं। कोई नियुक्ति नहीं होने पर किसी की जवाबदेही तय नहीं है। इस कारण घोरड़ी जोन के कई स्कूलों में मिड-डे-मील सुविधा बंद है। जबकि विभाग की ओर से एडवांस में तीन माह का कोटा मुहैया करा दिया जाता है।
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सीईओ को दी गई मामले की जानकारी
खाद्य आपूर्ति विभाग के सहायक निदेशक नसीर भट ने बताया कि विभाग की ओर से मिड-डे-मील की कोई भी सप्लाई नहीं रोकी गई है। हर क्षेत्र में तीन माह का कोटा एडवांस में दिया जाता है। कल्स्टर प्रभारी मोहन लाल गुप्ता ने बताया कि वह गवर्नमेंट हायर सेंकेडरी स्कूल के प्रिंसिपल भी हैं। यहां भी स्कूल का कोटा लेने के लिए उन्हें पहले कुछ दिक्कत हुई थी। इस संबंध में मुख्य शिक्षा अधिकारी को लिखित में शिकायत दी गई है।
घोरड़ी जोन में जोनल शिक्षा अधिकारी का पद रिक्त है और जेडईपीओ का भी तबादला हो गया है। इस कारण जोन के कुछ स्कूलों में मिड-डे-मील के राशन को लेकर समस्या उत्पन्न हुई है। मौजूदा समय में वहां पर संचालन करने वाले कोई नहीं है। गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल मोहन लाल गुप्ता को प्रभार सौंपा है। जल्द ही समस्या दूर हो जाएगी।
- गीतू बंगोत्रा, मुख्य शिक्षा अधिकारी