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Udhampur News: उपचार जीएमसी में, एमआरआई जम्मू व नारायणा अस्पताल में
Sun, 23 Jun 2024 03:49 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Sun, 23 Jun 2024 03:49 AM IST
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मरीज परेशान, हाईवे साथ में होने के चलते रोजाना बड़ी संख्या में पहुंचते हैं गंभीर लोग
सरकारी अस्पताल में एमआरआई 2500, निजी में देने पड़ रहे पांच से सात हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) की सुविधा नहीं है, जिस कारण रोजाना मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुविधा के लिए मरीज जम्मू या फिर नारायणा अस्पताल कटड़ा जाने के लिए मजबूर हैं।
जीएसमी उधमपुर सहित जिले में किसी भी निजी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है। सुविधा के लिए जम्मू या नारायणा अस्पताल कटड़ा जाने में समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। सरकारी अस्पताल में एमआरआई 2500 रुपये में होती है, जबकि निजी अस्पतालों में सुविधा के लिए पांच से सात हजार रुपये का खर्चा आता है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। शुक्रवार को अस्पताल में रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के लिए मशीन मंगवाई गई है, लेकिन एमआरआई के बिना यह ऑपरेशन संभव नहीं है। इसलिए लोगों ने प्रशासन से जल्द जीएमसी में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
जिला अस्पताल के जीएमसी बने अभी एक साल ही हुआ है, लेकिन प्रशासन को चाहिए कि जरूरत की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि मरीजों को दरबदर न होना पड़े। राहत की बात है कि जीएमसी में रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के लिए नई मशीन लगाई गई है, लेकिन बिना एमआरआई मशीन के यह सर्जरी संभव नहीं है।
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- सुनील गुड्डा, स्थानीय निवासी
अस्पताल प्रशासन से मांग है कि जल्द एमआरआई मशीन लगाई जाए, ताकि मरीजों को सुविधा के लिए जम्मू या नारायणा अस्पताल न जाना पड़े। अगर एमआरआई मशीन लगाने में समय लगेगा तो तब तक एमएच स्थित सैन्य अस्पताल से टाइअप करें, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- विनोद खजूरिया, स्थानीय निवासी
अगर जीएमसी बनने के बाद भी उन्हें एमआरआई करवाने के लिए कहीं ओर जाना पड़े तो इतने बड़े अस्पताल का कोई मतलब नहीं है। प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द अस्पताल में एमआरआई मशीन की सुविधा उपलब्ध हो।
- अरुण शर्मा, स्थानीय निवासी
शहर में कहीं भी एमआरआई की सुविधा नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे साथ में होने के कारण दिन कई सड़क हादसे होते हैं। इमरजेंसी में एमआरआई करवाने के लिए जम्मू या नारायणा ले जाना पड़ता है। इस दौरान मरीज की जान भी जा सकती है। अस्पताल प्रशासन से जल्द एमआरआई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग है।
- विकास खजूरिया, स्थानीय निवासी
अस्पताल में जो सुविधा नहीं है उस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एमआरआई मशीन के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित होगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।
- डॉ. लोकेश, इंचार्ज प्रिंसिपल, जीएमसी, उधमपुर
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सरकारी अस्पताल में एमआरआई 2500, निजी में देने पड़ रहे पांच से सात हजार रुपये
संवाद न्यूज एजेंसी
उधमपुर। गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) में मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग (एमआरआई) की सुविधा नहीं है, जिस कारण रोजाना मरीजों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सुविधा के लिए मरीज जम्मू या फिर नारायणा अस्पताल कटड़ा जाने के लिए मजबूर हैं।
जीएसमी उधमपुर सहित जिले में किसी भी निजी अस्पताल में एमआरआई की सुविधा नहीं है। सुविधा के लिए जम्मू या नारायणा अस्पताल कटड़ा जाने में समय के साथ ही आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। सरकारी अस्पताल में एमआरआई 2500 रुपये में होती है, जबकि निजी अस्पतालों में सुविधा के लिए पांच से सात हजार रुपये का खर्चा आता है। इसका सबसे ज्यादा असर गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। शुक्रवार को अस्पताल में रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के लिए मशीन मंगवाई गई है, लेकिन एमआरआई के बिना यह ऑपरेशन संभव नहीं है। इसलिए लोगों ने प्रशासन से जल्द जीएमसी में एमआरआई की सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग की है।
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जिला अस्पताल के जीएमसी बने अभी एक साल ही हुआ है, लेकिन प्रशासन को चाहिए कि जरूरत की सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि मरीजों को दरबदर न होना पड़े। राहत की बात है कि जीएमसी में रीढ़ की हड्डी के ऑपरेशन के लिए नई मशीन लगाई गई है, लेकिन बिना एमआरआई मशीन के यह सर्जरी संभव नहीं है।
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- सुनील गुड्डा, स्थानीय निवासी
अस्पताल प्रशासन से मांग है कि जल्द एमआरआई मशीन लगाई जाए, ताकि मरीजों को सुविधा के लिए जम्मू या नारायणा अस्पताल न जाना पड़े। अगर एमआरआई मशीन लगाने में समय लगेगा तो तब तक एमएच स्थित सैन्य अस्पताल से टाइअप करें, ताकि मरीजों को राहत मिल सके।
- विनोद खजूरिया, स्थानीय निवासी
अगर जीएमसी बनने के बाद भी उन्हें एमआरआई करवाने के लिए कहीं ओर जाना पड़े तो इतने बड़े अस्पताल का कोई मतलब नहीं है। प्रशासन से यही मांग है कि जल्द से जल्द अस्पताल में एमआरआई मशीन की सुविधा उपलब्ध हो।
- अरुण शर्मा, स्थानीय निवासी
शहर में कहीं भी एमआरआई की सुविधा नहीं होने से मरीजों को काफी परेशानी होती है। जम्मू-श्रीनगर हाईवे साथ में होने के कारण दिन कई सड़क हादसे होते हैं। इमरजेंसी में एमआरआई करवाने के लिए जम्मू या नारायणा ले जाना पड़ता है। इस दौरान मरीज की जान भी जा सकती है। अस्पताल प्रशासन से जल्द एमआरआई सुविधा उपलब्ध करवाने की मांग है।
- विकास खजूरिया, स्थानीय निवासी
अस्पताल में जो सुविधा नहीं है उस पर खास ध्यान दिया जा रहा है। एमआरआई मशीन के लिए उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। उम्मीद है कि जल्द ही अस्पताल में एमआरआई मशीन स्थापित होगी, जिससे मरीजों को राहत मिलेगी।
- डॉ. लोकेश, इंचार्ज प्रिंसिपल, जीएमसी, उधमपुर