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खुद को बदलने का प्रयास करें, हर जगह दिखेगी शांति : शास्त्री
Fri, 23 Aug 2024 06:27 AM IST
जम्मू और कश्मीर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, उधमपुर
Updated Fri, 23 Aug 2024 06:27 AM IST
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चिनैनी के गीता भवन में शिव महापुराण कथा जारी
संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। कस्बे के गीता भवन में शिव महापुराण कथा जारी है। वीरवार को पांचवें दिन संत सुभाष शास्त्री महाराज ने प्रवचनों से संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि लोग खुद को बदलने का प्रयास करेंगे तो हर जगह शांति ही शांति दिखाई देगी।
वर्तमान समय की पुकार है कि संत प्रेमरूपी अमृत वर्षा करें। क्योंकि, आज चारों ओर नफरत ही दिखाई दे रही है। हर कोई काम-क्रोध, लोभ-मोह और अहंकार व घृणा की आग में जल रहा है। बाहर लगी आग तो पानी से बुझ जाती है, परंतु भीतर की आग प्रेम की वर्षा अर्थात सत्संग से ही बुझती है ।
आज आग की फांग खेल रहा है संसार। आप जिस और भी देखें मानव के लहु दिख रहा है। इस संसार को प्रेम का पाठ पढ़ना ही होगा और इसके लिए शिक्षक होंगे केवल सन्त, वह किसी भी धर्म के हो सकते हैं।
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अन्त में शास्त्री ने संगत से अनुरोध कि आप संसार को तो नहीं बदल सकते, परंतु खुद को बदलने का प्रयास करें। परिणामस्वरूप घर, समाज आदि में बदलाव नजर आएगा।
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संवाद न्यूज एजेंसी
चिनैनी। कस्बे के गीता भवन में शिव महापुराण कथा जारी है। वीरवार को पांचवें दिन संत सुभाष शास्त्री महाराज ने प्रवचनों से संगत को निहाल किया। उन्होंने कहा कि लोग खुद को बदलने का प्रयास करेंगे तो हर जगह शांति ही शांति दिखाई देगी।
वर्तमान समय की पुकार है कि संत प्रेमरूपी अमृत वर्षा करें। क्योंकि, आज चारों ओर नफरत ही दिखाई दे रही है। हर कोई काम-क्रोध, लोभ-मोह और अहंकार व घृणा की आग में जल रहा है। बाहर लगी आग तो पानी से बुझ जाती है, परंतु भीतर की आग प्रेम की वर्षा अर्थात सत्संग से ही बुझती है ।
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आज आग की फांग खेल रहा है संसार। आप जिस और भी देखें मानव के लहु दिख रहा है। इस संसार को प्रेम का पाठ पढ़ना ही होगा और इसके लिए शिक्षक होंगे केवल सन्त, वह किसी भी धर्म के हो सकते हैं।
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अन्त में शास्त्री ने संगत से अनुरोध कि आप संसार को तो नहीं बदल सकते, परंतु खुद को बदलने का प्रयास करें। परिणामस्वरूप घर, समाज आदि में बदलाव नजर आएगा।