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जिला डोडा के दढकाई गांव के मूक-बधिर ग्रामीणों के पास पहुंची सेना,

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भद्रवाह में दिव्यांग बच्चों को जरूरत का सामान उपलब्ध करवाती सेना - फोटो : UDHAMPUR
भद्रवाह। भद्रवाह स्थित राष्ट्रीय राइफल्स ने सद्भावना के तहत डोडा के गंदोह इलाके में स्थित मूक बधिर गांव दढकाई में बच्चों को सांकेतिक भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण शुरू किया है। इसके साथ ही ग्रामीणों में श्रवण यंत्र का भी वितरण किया गया।
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सैन्य अधिकारियों ने कहा कि भद्रवाह शहर से 105 किमी दूर पहाड़ी की चोटी पर दढकाई गांव स्थित है। इस गांव में रहने वाले गुज्जर बक्करवाल समुदाय के लोग रहस्यमय बीमारी (जन्मजात गूंगापन और बहरेपन) से पीड़ित हैं। दढकाई-ए गांव के कुल 105 परिवारों में से 55 परिवार इस रहस्यमयी बीमारी से प्रभावित हैं, जिनमें से 78 गूंगे और बधिर पैदा हुए हैं। इनमें 41 महिलाएं शामिल हैं।
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इनके कल्याण के लिए भद्रवाह स्थित राष्ट्रीय राइफल्स इन लोगों के बच्चों के बीच विशेष श्रवण यंत्र वितरित करने के साथ ही उन्हें सांकेतिक भाषा सिखाने के लिए प्रशिक्षण शुरू करने पहुंची है। इसके तहत आरआर इकाई ने दिव्यांग बच्चों को सांकेतिक भाषा सिखाने के लिए दो महीने का डोर टू डोर ट्यूटोरियल शुरू किया है। इस कार्यक्रम का उद्घाटन बतौर मुख्यातिथि एसएसपी डोडा अब्दुल कयूम ने किया। जबकि सीओ 4आरआर ने समारोह की अध्यक्षता की। इस मौके पर बीडीसी अध्यक्ष मोहम्मद हनीफ दीदार सम्मानित अतिथि थे।
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कमांडिंग ऑफिसर ने बताया कि 17 हजार रुपये की लागत वाले श्रवण उपकरण विशेष रूप से जीवन भर की वारंटी के साथ मूक बधिर के लिए डिजाइन किए गए हैं, और यह विशेष रूप से दिव्यांग युवा पीढ़ी को सांकेतिक भाषा को समझने में मदद करेंगे। इसके लिए विशेषज्ञ बच्चों को दरवाजे-दरवाजे पर जाकर प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
वहीं, एसएसपी ने कहा कि सेना का यह प्रयास न केवल इन ग्रामीणों के बीच जरूरी आत्मविश्वास पैदा कर उन्हें निराशा से बाहर निकालने में मदद करेगा, बल्कि बाहरी दुनिया को भी इस रहस्यमय विकार के बारे में पता चल सकेगा जो कि केवल गुर्जरों के इस विशेष गांव तक ही सीमित है। एसएसपी ने कहा कि वह जब तक एसएसपी रहेंगे, इस गांव पर पुलिस की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की पूरी कोशिश करेंगे, और दशकों से लोग जिस दुख का सामना कर रहे हैं, उसे कम करने की कोशिश करेंगे।

इस दौरान बीडीसी अध्यक्ष ने अपील की कि जनजातीय मामलों के मंत्रालय को मूक बधिर ग्रामीणों के लिए एक स्थायी विशेष स्कूल खोलना चाहिए जो उनके लिए मददगार साबित हो। एसएसपी, सीओ 4आरआर और एसडीएम गंदोह ने आश्वासन दिया कि वे इन दिव्यांग बच्चों के लिए स्कूल खोलने से संबंधित मामला मंत्रालय के सामने उठाएंगे।

भद्रवाह में दिव्यांग बच्चों को जरूरत का सामान उपलब्ध करवाती सेना

भद्रवाह में दिव्यांग बच्चों को जरूरत का सामान उपलब्ध करवाती सेना- फोटो : UDHAMPUR

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